रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सुबह होते ही गोलियों की तड़तड़ाहट! सुकमा में नक्सलियों और सुरक्षा बलों की भीषण मुठभेड़
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के पश्चिमी क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाकों में 18 सितंबर 2025 की सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो अब भी जारी है. सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है. पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर बुधवार देर रात से सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. इसी दौरान गुरुवार सुबह माओवादियों और जवानों का आमना-सामना हुआ, जिसके बाद दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है.
सुकमा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुठभेड़ स्थल की सटीक लोकेशन, शामिल बलों की संख्या या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करना अभी उचित नहीं है, क्योंकि इससे अभियान और जवानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है. सुरक्षा बल सतर्कता और रणनीति के साथ ऑपरेशन चला रहे हैं. मुठभेड़ उस इलाके में हो रही है, जो लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है. घात लगाए नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला. इलाके में लगातार गोलियों की आवाज सुनाई दे रही है.
18 सितंबर 2025 की दोपहर तक मुठभेड़ जारी है. नवीनतम जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी और सघन की है, लेकिन अभी तक हताहतों या नक्सलियों की गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, माओवादी जंगल के घने हिस्सों में छिपे हो सकते हैं, जिसके कारण अभियान में सावधानी बरती जा रही है.
बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले दशकों से नक्सल हिंसा से प्रभावित हैं. हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने कई सफल अभियान चलाए हैं, जिसमें कई नक्सली मारे गए या गिरफ्तार हुए हैं. कुछ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने का रास्ता भी चुना है. सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
