06 June, 2026 (Saturday)

केके पाठक का ट्रांसफर तो ठीक, मगर एसीएस एस सिद्धार्थ भी कम नहीं…नये आदेश से शिक्षकों में हड़कंप

पटना. केके पाठक का शिक्षा विभाग से तबदला हुआ तो शिक्षकों ने राहत की सांस लेनी शुरू की थी. लेकिन, यह खुशी अधिक दिनों की नहीं है क्योंकि केके पाठक की जगह कार्यभार लेने वाले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ का भी बड़ा एक्शन शुरू हो गया है. अब स्कूल इंस्पेक्शन की सीधी जवाबदेही अब जिलाधिकारियों को दे दी गई है. शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, अब DM गैर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से विद्यालयों का निरीक्षण करवाएंगे. ऐसे में माना जा रहा है कि डीईओ, डीपीओ और बीईओ की शक्ति कम हो गई है.

शिक्षा विभाग के नये आदेश के अनुसार, जिलों में जिलापदाधिकारी अन्य विभागों के पदाधिकारियों और पर्यवेक्षकों से विद्यालयों का निरीक्षण करवाएंगे. स्कूलों के इंस्पेक्शन के लिए अब DM ही टीम तैयार करेंगे और सभी जिलों में इसको लेकर नोडल पदाधिकारी की तैनाती होगी. एसीएस एस सिद्धार्थ के आदेश से शिक्षा विभाग ने सभी जिलापदाधिकारियों से नोडल पदाधिकारी के लिए एक अपर समाहर्ता का नाम मंगवाया है

इसी आदेश में बताया गया है कि शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर पर आई शिकायत पर तुरंत एक्शन होगा और शिक्षा विभाग संबंधित जिले के नोडल अधिकारी को तत्काल शिकायत भेजेगा. शिकायत मिलने पर गैर शिक्षा विभाग के अधिकारी से ही जांच कराने का आदेश दिया गया है. जांच के बाद ई शिक्षा कोष के माध्यम से सीधा एसीएस एस सिद्धार्थ को रिपोर्ट भेजनी होगी.

बता दें कि ACS एस सिद्धार्थ ने भी माना है कि अब तक शिकायतों पर बड़ा एक्शन नहीं हुआ है. बीते समय में इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग में कई जगहों पर त्रुटि थी. बता दें कि शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए एसीएस एस सिद्धार्थ का यह पहला और बड़ा प्रयोग है. साफ है कि केके पाठक के तबादले के बाद भी शिक्षकों की अनियमितता पर कार्रवाई करने में शिक्षा विभाग अब और एक्टिव रहेगा.
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