इनकम टैक्स मुख्यालय में फर्जीवाड़ा : कई अधिकारी व कर्मचारी से जुड़ रहे प्रियंका के तार, मोबाइल में मिले नंबर
प्रत्यक्षकर भवन के कैफेटेरिया में फर्जी तरीके से आयकर निरीक्षक पद के इंटरव्यू और नियुक्त पत्र बांटने की मास्टरमाइंड प्रियंका मिश्रा का रिश्ता कई अफसरों से जुड़ रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रियंका के मोबाइल से आयकर विभाग के सौ से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों के नंबर मिले हैं। इतनी तगड़ी सांठगांठ के चलते ही उसका भवन के कई कमरों में आनाजाना था। प्रियंका ने रिश्तेदारों को बता रखा था कि वह आयकर अधिकारी हो गई है। फिलहाल पुलिस दो महीनों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उधर, मामले की जांच विभाग के उच्चाधिकारियों ने दिल्ली के तीन बड़े अफसरों को सौंपी है।
प्रत्यक्षकर भवन में महत्वपूर्ण पद पर तैनात एक चर्चित अधिकारी ने नोएडा में तैनाती के दौरान प्रियंका को संविदा पर नौकरी दिलाई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों पर कई बड़े व्यापारियों से भी वसूली के आरोप लगे थे। इसके चलते ही उसे 2016-17 में नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद उसके करीबी अधिकारी की तैनाती लखनऊ में हुई। सूत्र बताते हैं कि प्रियंका के लखनऊ में रहने का ठिकाना भी इसी अधिकारी ने दिलाया है। उसकी शह पर ही फर्जीवाड़ा चल रहा था। इस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई जांच भी चल रही है।
पुलिस के मुताबिक, प्रत्यक्षकर भवन के कई फुटेज में प्रियंका परिसर में प्रवेश करने और कई अधिकारियों के कमरों में जाती हुई दिखी। कैफेटेरिया में वह दिनभर बैठी रहती थी। इस दौरान कई अधिकारी व कर्मचारी मिलने आते थे। उसके बिल का भुगतान भी करते थे। कुछ अधिकारी प्रियंका से काफी नजदीक से जुड़े थे। उनसे बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं। पुलिस प्रियंका के मोबाइल में मिले नंबरों की डिटेल निकलवा रही है। कुछ अधिकारियों के सोशल मीडिया पर चैटिंग और वॉयस कॉल के रिकार्ड भी हाथ आए हैं।
नोटिस मिला तो कई अधिकारी अवकाश पर गए
विभागीय जांच संयुक्त आयकर आयुक्त मुख्यालय कर रहे हैं। उन्होंने नोटिस देकर कई अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन इनमें से ज्यादातर अधिकारी बिना किसी विशेष कारण के लंबे अवकाश पर चले गए हैं। दो दिनों की जांच में अब तक 11 अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा सुरक्षा में तैनात करीब सात कर्मचारियों से भी जानकारी ली गई है।
