05 September, 2026 (Saturday)

कोहली को रोकने के लिए हैदराबाद के पास स्पिन-पेस का बेजोड़ संयोजन

आईपीएल 2022 के सुपर संडे के डबल हेडर मुक़ाबले में पहला मैच दो पड़ोसी टीमों रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइज़र्स हैदराबाद के बीच होगा। ‘सदर्न डर्बी’ कहे जाने वाला यह मैच दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह इस मैच को अपने नाम कर प्लेऑफ़ के लिए दावा और मज़बूत करना चाहेंगी।

आईपीएल में जब भी ये दोनों टीमें भिड़ी हैं, हैदराबाद का पलड़ा भारी रहा है। पिछले पांच मैचों में तो यह अंतर और स्पष्ट हुआ है, जब हैदराबाद को पांच में से चार मैचों में जीत मिली है। इस सीज़न जब ये दोनों टीमें मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ी थीं, तब हैदराबाद ने उन्हें सिर्फ़ 68 रन पर आलआउट कर दिया था। दोनों टीमों के बीच खेले गए सभी मुक़ाबलों को देखा जाए तो भी 20 में से 12 मुक़ाबले जीत हैदराबाद, बेंगलुरु से आगे है।

हिंदी में एक कहावत है – गरीबी में आटा गिला, इस मैच में कुछ ऐसा ही केन विलियमसन के साथ देखने को मिल सकता है। एक तो उनकी फ़ॉर्म इस सीज़न अच्छी नहीं रही है। दूसरी तरफ़ अब उन्हें बेंगलुरु के गेंदबाज़ों से भिड़ना है, जिनके ख़िलाफ़ वह आसानी से रन नहीं बना पाते हैं। जहां हर्षल पटेल के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 70 का है, वहीं मोहम्मद सिराज और ग्लेन मैक्सवेल के ख़िलाफ़ वह सिर्फ़ 15 और 10 की औसत से रन बनाते हुए दो-दो बार आउट हुए हैं।

बेंगलुरु के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ विलियमसन का रिकॉर्ड बहुत ख़राब है लेकिन उनके साथी सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा उन्हें पानी पिलाते हुए नज़र आते हैं। इस सीज़न हैदराबाद के लिए सर्वाधिक 331 रन बनाने वाले अभिषेक, जॉश हेज़लवुड के ख़िलाफ़ 182 तो सिराज के ख़िलाफ़ 135 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। तो अगर बेंगलुरु को हैदराबाद के ख़िलाफ़ अपने रिकॉर्ड को सुधारना है तो उन्हें अभिषेक के बल्ले को जल्द से जल्द शांत करना होगा।

विराट कोहली के लिए यह टूर्नामेंट कुछ ख़ास अच्छा नहीं गया है। हालांकि पिछले दो मैच में उन्होंने क्रमशः 58 और 30 का स्कोर बनाकर फ़ॉर्म में वापसी करने की कोशिश की है, लेकिन उनके स्ट्राइक रेट की आलोचना हुई है। अब जब वह हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैदान में उतर रहे हैं, तो उन्हें उनके दो भारतीय गेंदबाज़ों : भुवनेश्वर कुमार और श्रेयस गोपाल से सावधान रहना होगा। दोनों ने टी20 मैचों में कोहली को तीन-तीन बार आउट किया है। इस दौरान कोहली अपने हमवतन गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ 25 से भी कम की औसत से रन बना पाए हैं।

भुवनेश्वर का रिकॉर्ड सिर्फ़ कोहली ही नहीं बल्कि बेंगलुरु के अन्य दो प्रमुख बल्लेबाज़ों फ़ाफ़ डुप्लेसी और ग्लेन मैक्सवेल के ख़िलाफ़ भी बेहतरीन है। जहां उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज़ मैक्सवेल के ख़िलाफ़ 85 के स्ट्राइक रेट से रन दिए हैं और उन्हें दो बार आउट किया है, वहीं डुप्लेसी को भी सिर्फ़ 110 के स्ट्राइक रेट पर रोका है।

इस सीज़न को अगर दिनेश कार्तिक का सीज़न कहा जाए, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। पिछले तीन-चार मैचों को छोड़ दिया जाए तो लगभग 37 साल के उम्र में वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फ़ॉर्म में दिखे हैं। हैदराबाद के ख़िलाफ़ उन्हें इस फ़ॉर्म को दिखाने का एक और मौक़ा मिलेगा। कार्तिक, टी नटराजन के ख़िलाफ़ 170 और गोपाल के ख़िलाफ़ 155 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि भुवनेश्वर के ख़िलाफ़ उनकी औसत 74 और स्ट्राइक रेट 130 का हो जाता है। इस दौरान तीनों गेंदबाज़ मिलकर उन्हें सिर्फ़ एक बार ही आउट कर पाए हैं।

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