07 June, 2026 (Sunday)

पांच फीसद से भी कम हो गई चीन में आर्थिक विकास की दर, ऊर्जा संकट के अलावा भी रहीं दूसरी वजह

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था चीन की आर्थिक वृद्धि की दर इस वर्ष की तीसरी तिमाही में पांच फीसद के नीचे चली गई है। इस बात की पुष्टि सरकार द्वारा जारी आंकड़े कर रहे हैं। आंकड़े बता रहे है महामारी से उबरने की चीन की रफ्तार पहले के मुकाबले कम हो गई है। मौजूदा वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास की दर अब के मुकाबले काफी तेज थी।

नेशनल ब्‍यूरो आफ स्‍टेटिसक्टिक्‍स के प्रवक्‍ता ने आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पूरे विश्‍व का वातावरण अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। इस वजह से घरेलू आर्थिक विकास की दर भी प्रभावित हुई है। इस दौरान ये अस्‍थायी रही है।

गौरतलब है कि चीन पिछले कुछ समय से भारी ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। इसके अलावा देश की रियल स्‍टेट मार्केट में भी जबरदस्‍त गिरावट देखी गई है। आपको बता दें कि मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में देश में आर्थिक विकास की दर 18.3 फीसद थी, जो दूसरी तिमाही में गिरकर 7.9 फीसद रह गई थी। अब ये 4.9 फीसद पर आ गई है। जानकारों का कहना है कि प्रापर्टी सेक्‍टर में निवेशकों की रूचि न सिर्फ कम हुई है बल्कि उन्‍हे इस सेक्‍टर में निवेश को लेकर डर भी लग रहा है।

जानकारों की राय में टेक कंपनियों पर कसता शिकंजा और कोरोना महामारी की वजह से लगे लाकडाउन के अलावा बिजली संकट और कोयले की कमी ने देश के आर्थिक विकास पर ब्रेक लगाने का काम किया है। डोमेस्टिक रिटेल सेल्‍स की ही यदि बात करें तो पिछले वर्ष इसमें 4.4 फीसद की तेजी देखी गई थी। बता दें कि चीन की सरकार का पूरा ध्‍यान घरेलू उपभोग पर है। साथ ही नियमों को भी वो काफी कड़ा कर रही है। इतना ही नहीं ऊर्जा में आई कमी की वजह से सरकार ने फेक्ट्रियों को मिलने वाली बिजली भी सीमित कर दी है जिसकी वजह से सितंबर में कई फेक्ट्रियां बंद तक हो गईं।

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