07 June, 2026 (Sunday)

चीन के विदेश मंत्री से मिले तालिबान के नेता, ड्रैगन को बताया ‘भरोसेमंद दोस्त’

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर की अगुवाई में तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को अचानक चीन के दौरे पर पहुंचा और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ वार्ता की। बातचीत के दौरान तालिबान ने बीजिंग को ‘भरोसेमंद दोस्त’ बताया और आश्वस्त किया कि समूह ‘अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी को भी करने की’ इजाजत नहीं देगा। अफगानिस्तान से अमेरिका और NATO के बलों की वापसी के बीच तालिबान और चीन के मध्य यह पहली बैठक है। तालिबान ने सरकारी बलों के कब्जे वाले काफी क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया है जिससे चीन चिंतित हो रहा था कि उसके अस्थिर शिनजियांग प्रांत के उईगर आतंकवादी समूह, ईस्ट तुर्कीस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) अफगान सीमा से घुसपैठ कर सकते हैं।

25 जुलाई को कुरैशी ने की थी वांग से मुलाकात

‘तालिबान अपने और ETIM के बीच रेखा खींच सकता है’
झाओ ने वांग और बरादर की मुलाकात के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति पढ़ते हुए बताया कि बुधवार की वार्ता के दौरान, वांग ने उम्मीद जताई है कि तालिबान अपने और ETIM के बीच रेखा खींच सकता है। संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ETIM के सैकड़ों लड़ाके अफगानिस्तान के बदख्शान प्रांत में जमा हो गए हैं, जो चीन के अस्थिर शिनजियांग प्रांत की सीमा से सटा है। वांग ने कहा कि ETIM एक सूचीबद्ध आतंकवादी संगठन है जो क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तालिबान अपने और ETIM के बीच एक स्पष्ट रेखा खींच सकता है। इससे आतंकवाद के खात्मे के लिए अनुकूल स्थिति पैदा होगी। बरादर ने कहा, ‘चीन एक भरोसेमंद दोस्त है।’

‘तालिबान महिलाओं और बच्चों के अधिकार सुनिश्चित करेगा’
विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘बरादर ने सुलह प्रक्रिया में चीन की निष्पक्ष और सकारात्मक भूमिका की सराहना की।’ बरादर ने ETIM का जिक्र किए बिना कहा, ‘अफगानिस्तान किसी को भी अपने क्षेत्र का इस्तेमाल ऐसे काम के लिए करने की इजाजत नहीं देगा जो उसके लोगों के हितों को कमजोर करते हों। अफगानिस्तान अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाना चाहेगा। अफगान तालिबान भविष्य में विकास के लिए और ज्यादा साझेदार बनाना चाहेगा और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेगा और इस संबंध में प्रासंगिक कोशिश करेगा। तालिबान महिलाओं और बच्चों के अधिकार सुनिश्चित करेगा।’

वांग ने कहा, ‘हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करते हैं। हम अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। हम अफगानिस्तान के लोगों के प्रति मैत्रीपूर्ण नीति का पालन करते हैं।’ उन्होंने बरादर से कहा कि अमेरिका और अन्य नाटो सैनिकों के जल्दबाजी में जाने के बाद, अफगान लोगों के हाथ में अपने खुद के देश के स्थायी विकास के लिए नए मौके हैं। अफगानिस्तान को एक अहम सैन्य ताकत बताते हुए वांग ने कहा कि चीन अफगानिस्तान की शांति और सुलह प्रक्रिया में रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।

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