07 June, 2026 (Sunday)

अफगानिस्तान में संघर्ष को लेकर पेंटागन प्रमुख का बड़ा बयान, कहा- ‘देश में राजनीतिक रूप से सक्षम रणनीति की जरूरत’

अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को अपने एक बयान में, तालिबान की गति को धीमा करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है की, अफगान सुरक्षा बलों को क्षेत्र पर कब्जा करने से पहले, तालिबान की गति को काबू करना चाहिए। ये उनकी देश पर नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति का प्रमुख हिस्सा होना चाहिए।

युद्ध रणनीति में बदलाव का फैसला

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान की सेना तालिबान के खिलाफ अपनी युद्ध रणनीति में बदलाव कर रही है। वो काबुल समेत अन्य शहरों और महत्वपूर्ण इलाकों में सैन्य बलों की तैनाती को लेकर विचार कर रहा है। वहीं, अलास्का की यात्रा के दौरान ऑस्टिन ने मीडिया को बताया की, अफगानी सेना देश के प्रमुख केंद्रों पर भी सैन्य सुरक्षा को मजबूत करने पर विचार कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा की, सेना को तालिबान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विचार करने से पहले, ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी गति को धीमा किया जाए। गौरतलब है की, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के तरफ से जारी हुए आदेश के बाद अमेरिका की सेना अफगानिस्तान से वापसी कर रही है। सेनाओं की वापसी का ये मिशन 31 अगस्त तक समाप्त किया जाना है। उन्होंने विश्वास जाहिर करते हुए कहा की, अफगानों के पास विकास करने की काबिलियत है, लेकिन हमें देखना होगा की भविष्य में परिस्थितियां क्या मोड़ लेती हैं।

रणनीति को मजबूत करने की आवश्यकता

दरअसल, इस वक्त अफगानिस्तान में राजनीतिक रूप से सक्षम रणनीति और एक मजबूत सेना की आवश्यकता है। क्योंकि, तालिबान ने देश की प्रांतीय राजधानियों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। अफगान से विदेशी सेनाओं की वापसी के साथ ही तालिबानी आतंकियों ने अपना वर्चस्व स्थापित कर, देश के ज्यादा से ज्यादा इलाके पर नियंत्रण हासिल करनी को कोशिश शुरू कर दी है। पेंटागन के एक अनुमान के अनुसार तालिबान इस वक्त देश करीब आधे जिलों को नियंत्रित कर रहा है, औ अब वो प्रांतीय राजधानियों के बाहरी इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका की तरफ से मदद जारी

अमेरिका ने तालिबान के दबाव में अफगान सरकारी बलों की सहायता करने के लिए हवाई हमले जारी रखे हैं, क्योंकि अमेरिकी नेतृत्व वाली विदेशी सेना देश से अपनी वापसी के अंतिम चरण में हैं। बाइडन ने अफगान बलों को वित्तीय सहायता और रुकी हुई शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए राजनयिक प्रयासों को दोगुना करने का वादा किया है।

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