राष्ट्रपति चुकाते हैं अपना आयकर, मप्र में सीएम और मंत्रियों का टैक्स जमा करती है सरकार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने वेतन से आयकर चुकाते हैं। उन्हें लगभग पांच लाख रुपये वेतन मिलता है और इसमें से वे पौने तीन लाख रुपये के कर का भुगतान करते हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष से लेकर राज्यमंत्री तक का आयकर सरकार चुकाती है। इसके लिए कानूनी प्रविधान है और बजट का इंतजाम भी किया गया है। इस व्यवस्था को समाप्त करुने की मांग भी उठती रुही है पर कभी आमराय नहीं बनी। यही वजह है कि यह व्यवस्था अब तक चली आ रही है।
विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को भी मिलती है सुविधा
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री का आयकर चुकाने के लिए वेतन तथा भत्ता अधिनियम 1972 लागू है। इसमें प्रविधान है कि मंत्री, राज्यमंत्री, उपमंत्री या संसदीय सचिव को मिलने वाले वेतन-भत्ते पर आयकर सरकार द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए बजट में प्रतिवर्ष प्रविधान किया जाता है। कमल नाथ सरकार के समय शिवराज सरकार के मंत्रियों का आयकर जमा करने का प्रस्ताव आया था, जिस पर मंत्रालय के मुख्य लेखाधिकारी को राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। तब इस व्यवस्था को बंद करने की मांग भी उठी थी पर बात आगे नहीं बढ़ी।
प्रत्येक तीन माह में प्रस्ताव
सामान्य प्रशासन विभाग की लेखा शाखा के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक तीन माह में प्रस्ताव आता है और कटौती की राशि की प्रतिपूर्ति कर दी जाती है। वहीं, विधानसभा के अपर सचिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपाध्यक्ष को मिलने वाले वेतन-भत्ते पर जो आयकर बनता है, उसका भुगतान शासन करता है। विधानसभा के लिए आवंटित बजट में से यह राशि उपलब्ध करा दी जाती है।
एक करोड़ रुपये है बजट
मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री का आयकर जमा करने के लिए बजट में एक करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कर योग्य आय का आकलन करने के बाद संबंधित व्यक्ति के वेतन से आयकर की कटौती हो जाती है। यह राशि विभाग द्वारा उन्हें लौटाई जाती है।
किसे कितना मिलता है वेतन-भत्ता
मुख्यमंत्री- वेतन 50 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 55 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 50 हजार रुपये, दैनिक भत्ता 45 हजार रुपये राज्य के भीतर और राज्य के बाहर ढाई हजार रुपये प्रतिदिन।
विधानसभा अध्यक्ष– वेतन 47 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 48 हजारु रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 45 हजारु रुपये, दैनिक भत्ता डेढ़ हजार रुपये प्रतिदिन।
नेता प्रतिपक्ष– वेतन 45 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 45 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 35 हजार रुपये, दैनिक भत्ता डेढ़ हजार रुपये।
कैबिनेट मंत्री– वेतन 45 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 45 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 35 हजार रुपये, दैनिक भत्ता राज्य के भीतर 45 हजार रुपये प्रतिमाह और राज्य के बाहर ढाई हजार रुपये प्रतिदिन।
विधानसभा उपाध्यक्ष– वेतन 45 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 45 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 35 हजार रुपये, दैनिक भत्ता डेढ़ हजार रुपये प्रतिदिन।
राज्यमंत्री– वेतन 40 हजार रुपये, सत्कार भत्ता 34 हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 31 हजार रुपये, दैनिक भत्ता 45 हजार रुपये प्रतिमाह और राज्य के बाहर ढाई हजार रुपये प्रतिदिन।
जानें किसने क्या कहा
सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शासन की व्यवस्था के तहत आयकर कटौती की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाती है। इस व्यवस्था को लेकर समीक्षा कर रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि 17 साल से अपना आयकर मैं ही जमा करता आया हूं। अध्यक्ष से जुड़ी व्यवस्था के बारे में सचिवालय को पता होगा।
मंत्रालयीय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि जब अधिकारी-कर्मचारी अपना आयकर चुकाते हैं तो फिर किसी को भी छूट क्यों मिलनी चाहिए। इस व्यवस्था को समाप्त होना ही चाहिए।
