नशामुक्त समाज परिकल्पना के लिए हमे आगे आना होगा- डा. अमृतांशु धुम्रपान निषेध दिवस पर एनसीसी पचावी बटालियन द्वारा आयोजित किया गया संगोष्ठी
कुशीनगर । नशामुक्त समाज की परिकल्पना तभी संभव है जब समाज के शिक्षित वर्ग लोग आगे आकर निष्ठा पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज के लोगो जागरूक करना होगा। क्योंकि दुष्प्रवृत्तियां और बुराईयां हमे अपनी ओर जल्दी आकर्षित करती हैं इसीलिए हम इनकी गिरफ्त में जल्दी आ जाते हैं। इनसे मुक्त होने की जिम्मेदारी हमारी खुद की होनी चाहिए।
यह बातें बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर के प्राचार्य डॉ अमृतांशु कुमार शुक्ल ने कही। डा. शुक्ल शनिवार को एनसीसी की पचासवीं बटालियन द्वारा धुम्रपान निषेध दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महाविद्यालय के शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों और समाज को धूम्रपान सहित प्रत्येक नशे से दूर रहने की प्रेरणा देते रहें। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ कौस्तुभ नारायण मिश्र ने किसी भी बुरी प्रवृत्ति का आदती होने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधीर और असंयमित व्यक्ति में ज्यादा बुराइयां पायी जाती हैं। इसलिए धैर्यवान बनकर संयम पर जोर देना जरूरी है। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पुनर्जन्म नशा मुक्ति केंद्र गोरखपुर और सोनबरसा की निदेशक डॉ रीना मालवीय ने नशे के कारण स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा की। उन्होंने नशे पर हुए विभिन्न अध्ययनों का जिक्र करते हुए बताया कि नशा करने से रचनात्मकता को जोड़कर देखा जाता है जो कि गलत है। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के विभिन्न अनुभवों से भी लोगों को परिचित कराया। कार्यक्रम की प्रस्ताविकी रखते हुए संयोजक डॉ उमाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि सरकार एक तरफ तो नशे की चीजों से अधिक राजस्व प्राप्त करने की फिराक में रहती है दूसरी ओर नशा उन्मूलन की भी बात करती है। यह दोहरापन बहुत गलत है और समाज को खोखला कर रहा है। संगोष्ठी में अतिथियों का स्वागत डॉ राजेश जायसवाल व संचालन डॉ ममता मणि त्रिपाठी ने किया। अंत मे डॉ. सत्येंद्र कुमार गौतम ने सभी आगन्तुको के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ रेखा तिवारी, डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ राजेश सिंह, डॉ गौरव तिवारी, डॉ अनुज कुमार, डॉ निगम मौर्य, डॉ शम्भू दयाल कुशवाहा, डॉ दीपक, डॉ निरंकार राम त्रिपाठी, डॉ पंकज दुबे आदि के अतिरिक्त एनसीसी के कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
