06 June, 2026 (Saturday)

बडीशिद्दत से याद किए गए सुभाष चंद्र बोस पराक्रम दिवस के रूप मे मनाया गया नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयन्ती

कुशीनगर। आजाद हिन्द फौज के संस्थापक व देश के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती बडी शिद्दत के साथ पराक्रम दिवस के रूप मऊ मनाई गई। इस दौरान नेताजी के जयघोष से पुरा वातावरण गुंजायमान रहा सभी ने सुभाष चंद्र बोस के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। माँ भारती के इस सपूत को नेतृत्व क्षमता का धनी बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज देश को बोस की आदर्श देश की जरूरत हैं। उनके बताए हुए मार्ग व आदर्शों पर चल कर ही अखण्ड भारत का निर्माण संभव है।
शनिवार को नगर के सुभाष चौक पर नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल व युवाओं द्वारा सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्प हार पहनाकर नेताजी को नमन किया गया। इस दौरान नपा अध्यक्ष श्री जायसवाल ने सुभाष चंद्र बोस के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उनके जीवन विस्तृत प्रकाश डाला।
नगर के चित्रगुप्त मंदिर समिति ने सुभाष चंद्र बोस के जयंती पर चित्रांस समाज के लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस को ही नेताजी कहा जाता है। उन्हाने अपने कार्यो से हिटलर को भी प्रभावित किया था। जिससे हिटलर भी उनके नेतृत्व क्षमता के कारण आगे बढ़कर उनसे दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। इसे बाद नगर के सुभाष चौक पहुंचकर सर्वप्रथम नेताजी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान संजय चाणक्य, सतीश श्रीवास्तव, विष्णु श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, धीरेंद्र मोहन सहाय, विवेक श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। नगर के हनुमान इंटर कॉलेज में सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गये। इस अवसर पर अपने संबोधन में विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र दत्त शुक्ल ने कहा कि नेतृत्व क्षमता के मामले में सुभाष बाबू का कोई सानी नहीं था। देश प्रेम और राष्ट्रीयता उनमें बचपन से ही थी। उन्होंने कहा कि सुभाष बाबू सच्चे अर्थों में जादुई व्यक्तित्व के धनी थे। आज देश को उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। वीणा वादिनी कन्या इण्टरमीडिएट कालेज मे उल्लास के साथ पराक्रम दिवस को मनाया गया। विद्यालय के प्रबंधक भुवनेश्वर त्रिपाठी ने
उन्होंने कहा कि  आजादी की लड़ाई में सुभाष चंद्र बोस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। उनके त्याग और बलिदान को देशवासी कभी भूला नही सकते है। भारती इण्टरमीडिएट कालेज विद्यालय के प्रबंधक नबेन्दु कुशवाहा ने सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने सुभाष बाबू के आदर्शों पर चलने आह्वान करते हुए सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस घोषित किए जाने पर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। हाटा नगर के सुभाष चौक स्थित सुभाष बाबू के मूर्ति पर
पालिका परिषद हाटा मे चेयरमैन प्रतिनिधि शिव शंकर अग्रहरी ने माल्यार्पण कर जयहिंद की सलामी दी। उन्होंने कहा कि
 नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राष्ट्रभक्त के साथ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ने वाले एक वीर योद्धा थे। उन्होंने देश को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान सभासद रमेश जयसवाल रविन्द्र गौड़ अलाउद्दीन सहित तमाम सभासद व जनमानस उपस्थित रहे।
इसी क्रम मे कसया नगर पालिका, सेवरही, फाजिलनगर, रामकोला नगर पंचायत, कप्तानगंज, खड्डा नगरपालिका अध्यक्ष सहित समाजिक संगठनो के लोगो द्वारा नेताजी के जन्मदिवस को उल्लास के पराक्रम दिवस के रूप मे मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने
नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।
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