25 June, 2026 (Thursday)

डॉक्टर ने बताया कैंसर के मरीजों को अपनी डाइट में किन 5 फूड्स को ज़रूर शामिल करना चाहिए?

अगर आप कैंसर के मरीज हैं तब भी और नहीं हैं तब भी अपनी डाइट में इन पांच फूड्स को ज़रूर शामिल करें। ये एंटी कैंसर फूड्स जोखिम को कम करने में बेहद असरदार है
इन दिनों देश दुनिया में कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। लेकिन अगर आप अपनी डाइट में इन कुछ फूड्स को शामिल करते है तो इससे कैंसर का जोखिम कम होता है। कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बताया कि हावर्ड मेडिकल स्कूल के रिसर्चर ने एक स्टडी किया, उस अध्ययन के अनुसार जिन मरीजों ने अपनी डाइट में एंटी कैंसर फ़ूड को शामिल किया था उनका सर्वाइवल रेट उन मरीजों से ज़्यादा था जो लोग सिर्फ दवाइयों पर निर्भर थे। अगर आप कभी भी कैंसर का सामना नहीं करना चाहते तो अपनी डाइट में इन फूड्स को ज़रूर शामिल करें।
इन 5 फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें
हल्दी: हल्दी का नाम सुनकर आपको लगेगा कि आप तो इसका इस्तेमाल खाने के रूप में रोजाना करते हैं। लेकिन अगर आप हल्दी के साथ काली मिर्च का इस्तेमाल करने से कैंसर का जोखिम कम होता है। हल्दी के सेवन के लिए एक गिलास पानी में चुटकीभर हल्दी और काली मिर्च मिलाकर पिएं

आंवला: आंवला एक ऐसा सुपरफूड है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। आंवला में मौजूद गैलिक एसिड (Gallic acid) और इलाजिक एसिड (Ellagic acid) शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये शरीर में फ्री रेडिकल्स को बनने से रोकते है। फ्री रेडिकल्स शरीर के डीएनए को डैमजे करते हैं जिससे शरीर में कैंसर सेल बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आंवला केमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स को भी कंट्रोल करने में मददगार है। इसलिए हर व्यक्ति और कैंसर के मरीज को एक आंवला रोज खाना चाहिए।

ब्रोकोली: ब्रोकोली के साथ फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सब्जियां कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हैं। दरअसल, इस तरह की सब्जियां क्रूसिफेरस (Cruciferous) कहलाती हैं जो फ्री रेडिकल्स को रोकने का काम करती हैं। ब्रोकोली को हमेशा आधा पकाकर खाएं इससे सेहत को फायदे मिलते हैं।

ग्रीन टी: जापान में कैंसर के केसेस कम होने के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्रीन टी ड्रिंक को माना गया है। ग्रीन टी में इजीसीजी (Epigallocatechin gallate – EGCG) होता है, यह वह कम्पाउंड है जो कैंसर सेल्स के एंजियोजेनेसिस को रोक देता है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, ग्रीन टी में मौजूद इजीसीजी मल्टीपल कैंसर जैसे ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर में फायदेमंद रहा है।

अलसी के बीज: अलसी के बीजों में लिगनेन्स (Lignans) होते हैं। ये शक्तिशाली प्लांट कंपाउंड्स कैंसर रोधी गुणों के लिए जाने जाते हैं। ये लिगनेन्स ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर में बेहद फायदेमंद है। जनरल ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में एक रिसर्च हुई थी जिसमें यह कहा गया है कि जो ब्रेस्ट कैंसर के मरीज 25 ग्राम असली के बीज का रोज खाते हैं उनमें ट्यूमर ग्रोथ रेट स्लो हो जाता है।

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