14 September, 2026 (Monday)

विनोद साहनी के घर गोंडा जा रहे चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोका, अधिकारियों से बहस; धरने पर बैठे

गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आज़ाद व भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को रामनगर में पुलिस ने रोक लिया।
बाराबंकीः गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों के नेता अब गोंडा जा रहे हैं, इसकी वजह से मामले ने तूल पकड़ लिया है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रविवार को समर्थकों के साथ गोंडा जा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने बाराबंकी में रोक लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से सांसद चंद्रशेखर की बहस भी हुई। इस दौरान चंद्रशेखर समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठ गए। हालांकि बाद में उन्हें वहां से हटाकर वापस भेज दिया गया।
तीन घंटे बाद वापस भेजे गए

जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी के रामनगर में सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने रोक लिया और लगभग तीन घंटे बाद लखनऊ के लिए वापस भेजा। चंद्रशेखर के समर्थकों का आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वह गोंडा में गोंडा में विनोद के परिजनों से मिलने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

अधिकारियों से की बहस

अधिकारियों से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि आप लोग जातिगत झगड़ा कराना चाहते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा ऐसा नहीं है। इस पर सांसद ने पुलिस के रवैया पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हमारी सूचना तो आपको लग गई लेकिन उनकी सूचना आपको नहीं लगी। ये सब पुलिस वाले करा रहे हैं।
राजनीतिक हत्या की आशंका जताई

मीडिया से बात करते हुए चंद्रशेखर ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में दलित समुदाय के लोग न जीते जी सुरक्षित हैं और न ही मरने के बाद ही..। गोंडा में विनोद साहनी की हत्या राजनीति के कारण हुई है। दो महीने पहले विनोद साहनी हमारे पास टिकट मांगने के लिए आए थे। उन्होंने करनैलगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। करनैलगंज में जिनको नुकसान हो रहा था, उन्होंने ही विनोद की हत्या कराई है। मैं इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग करता हूं। मेरी यह भी मांग है कि मृतक के परिजनों को सरकार एक करोड़ मुआवजा दे और एक सरकारी नौकरी दी। साथ ही उनकी सुरक्षा हो।
बता दें कि पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने जा रहे चंद्रशेखर आज़ाद व भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को रामनगर में पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान गोंडा और बाराबंकी की पुलिस के अधिकारी सहित भारी संख्या में फ़ोर्स मौजूद रहे। रोकने के दौरान गोंडा पुलिस अधिकारियों के बीच सांसद की तीखी बहस हुई। चंद्रशेखर की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पल्लवी पटेल ने परिजनों से की मुलाकात

वहीं, सिराथू विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर गोंडा पहुंचने में कामयाब रहीं। वह विनोद कुमार साहनी के घर पहुंची। परिजनों से मुलाकात के बाद बाकी बचे आरोपियों को लेकर परसपुर थाना के एसओ से बात करते हुए कहा कि इस मामले में आप अपने हिसाब से ही काम कर रहे हैं, जो होना चाहिए वो नहीं हो रहा है। पल्लवी पटेल ने मांग करते कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाया जाए और बुलडोजर की कार्रवाई हो। इससे पहले गोंडा में मंत्री संजय निषाद, वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश साहनी और सपा के नेता पीड़ित परिजनों से मुलाकात की थी। इन नेताओं ने लखनऊ में धरना प्रदर्शन भी किया था।

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