12 September, 2026 (Saturday)

राधा अष्टमी पर ये चीजें घर लाना है शुभ, परिवार में प्रेम और सुख-समृद्धि बढ़ाने में हो सकता है सहायक

राधा अष्टमी पर श्रीजी के साथ ही कृष्ण पूजा करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन कुछ खास चीजें घर लाने की परंपरा है। मान्यता है कि इनसे घर में प्रेम, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। जानिए कौन-सी चीजें इस दिन घर लाना शुभ माना जाता है।
राधा अष्टमी का पर्व राधा-कृष्ण की भक्ति और पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन किशोरी जी का प्राकट्यत्योसव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। राधा रानी के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में पूजा करने के साथ घर में कुछ शुभ वस्तुएं लाने की भी परंपरा है। जानें कौन सी चीजें हैं, जो इस शुभ तिथि चीजें घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने में सहायक बताई हैं।

मोर पंख: राधा अष्टमी के दिन घर में मोर पंख लाना शुभ माना जाता है। इसका संबंध भगवान कृष्ण से है। इसी वजह से इसे राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़ी शुभ वस्तुओं में शामिल किया जाता है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से पॉजिटिविटी और शांत माहौल बना रहता है। अगर इस दिन नया मोर पंख घर ला रहे हैं तो इसे पूजा स्थल में, राधा-कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति के पास रखा जा सकता है।
बांसुरी से जुड़ी आस्था: भगवान कृष्ण की बांसुरी प्रेम और मधुरता का प्रतीक है। इसलिए राधा अष्टमी के दिन घर में बांसुरी लाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसे रखने से परिवार में प्रेम, अपनापन और सकारात्मक माहौल बनता है। राधा अष्टमी पर लाई गई बांसुरी को पूजा घर में राधा-कृष्ण के पास रखें।
तुलसी का पौधा: ऐसे में जिन घरों में तुलसी का पौधा नहीं है, वहां राधा अष्टमी के दिन इसे लाना शुभ माना जाता है। तुलसी का पौधा घर लाने के बाद उसकी सही देखभाल करना भी जरूरी है। उसे पर्याप्त धूप और समय पर पानी देना चाहिए। सूखे पत्तों को हटाते रहें और पौधे को स्वच्छ स्थान पर रखें।
होली के रंग: राधा रानी को होली का पर्व बेहद प्रिय है। इसलिए राधा अष्टमी के दिन उन्हें अलग-अलग रंग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, इस दिन राधा रानी को होली के रंग भेंट करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। जीवन में प्रेम और खुशियों का भाव बना रहता है।
चांदी की पायल, बिछिया: राधा रानी सच्चे प्रेम, सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक हैं। ऐसे में राधा अष्टमी के दिन सामर्थ्य अनुसार चांदी की पायल या बिछिया खरीदना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान पहले इन आभूषणों को राधा रानी के चरणों से स्पर्श कराएं। इसके बाद इन्हें घर की सुहागिन महिला को उपहार में दिया जा सकता है या खुद पहनें। मान्यता है कि ऐसा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता बनी रहती है।

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