11 September, 2026 (Friday)

ब्लू जर्सी में लौटेगी भारतीय हॉकी टीम, एशियन गेम्स 2026 में नहीं दिखेगा नारंगी रंग

आगामी एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीली जर्सी में खेलेंगी। हाल ही में सम्पन्न हुए वर्ल्ड कप में नारंगी जर्सी पहनने के फैसले को लेकर काफी विवाद हुआ था।
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी को लेकर चल रही बहस पर अब विराम लगता दिख रहा है। आगामी एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपने पारंपरिक ब्लू यानी नीले रंग की जर्सी में मैदान पर उतरेंगी। हाल ही में वर्ल्ड कप के दौरान नीले से नारंगी जर्सी में हुए बदलाव को लेकर काफी चर्चा और विरोध देखने को मिला था।

हॉकी इंडिया ने लंबे समय से चली आ रही नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग को अपनाया था। भारतीय टीम ने नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित FIH वर्ल्ड कप के दौरान इसी रंग की किट पहनी थी। जर्सी का रंग बदलने का तर्क यह दिया गया था कि नीले टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों को पहचानने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, यह बदलाव विवादों में घिर गया था। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने भी सार्वजनिक रूप से इस फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जर्सी का रंग बदलने का निर्णय उनकी जानकारी या हॉकी इंडिया के निर्वाचित नेतृत्व और कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी के बिना लिया गया था।
नीला रंग पहली पसंद
अब एशियन गेम्स के लिए स्थिति स्पष्ट करते हुए तिर्की ने PTI से बातचीत में कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ ने टीम किट के रंग को लेकर पसंद बताने को कहा था और हॉकी इंडिया ने नीले रंग को पहली पसंद, जबकि नारंगी को दूसरी पसंद के तौर पर चुना है। तिर्की ने कहा कि उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले भी स्पष्ट किया था कि नारंगी जर्सी का रंग स्थायी नहीं है और भविष्य में इसे बदला जा सकता है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स में भारतीय टीम नीली जर्सी में ही खेलेगी।

जर्सी का रंग बदले जाने के फैसले पर भारतीय हॉकी के कई पूर्व दिग्गजों ने भी सवाल उठाए थे। पूर्व कप्तानों वीरन रसक्विन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै और अजित पाल सिंह ने नारंगी जर्सी को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की थी। इस मुद्दे ने बाद में राजनीतिक बहस का रूप भी ले लिया था।
एशियन गेम्स पर टिकी निगाहें
वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उसे आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा। वहीं महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया, जो 1974 के बाद उसका वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। अब भारतीय टीमों की नजर एशियन गेम्स पर है। यह टूर्नामेंट सिर्फ महाद्वीपीय स्तर पर प्रतिष्ठा के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने का भी अहम मौका देगा। ऐसे में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए एशियन गेम्स का प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।

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