12 September, 2026 (Saturday)

कर्नाटक में राज्य सरकार के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ़ दो पद गाए जाएंगे, कांग्रेस सरकार ने जारी किया आदेश

कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो पद ही गाए जाएं। यह आदेश राष्ट्रीय गीत को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है।
बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि राजकीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ़ दो पद गाए जाएं। हालांकि इस आदेश में इस बात का भी जिक्र है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और उन कार्यक्रमों में जिनका प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार करेगी, वहां पूरा वंदे मातरम के सभी 6 पद गाए जाएंगे। यह आदेश केंद्र सरकार के उस निर्देश के बीच आया है जिसमें ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पद गाना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि अन्य आधिकारिक राज्य सरकारी कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएं।

केंद्र ने सभी पद गाना अनिवार्य किया

दरअसल, जनवरी 2026 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत गाने के लिए सख्त प्रोटोकॉल तय करते हुए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। नए नियमों के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह पद (छंद) बजाए या गाए जाने चाहिए। इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए कांग्रेस ने कहा था कि पार्टी कार्यक्रमों में केवल पहले दो पद ही गाए जाएंगे। हालांकि अब कांग्रेस शासित कर्नाटक में भी सीएम डीके शिवकुमार ने पार्टी लाइन फॉलो करते हुए ये आदेश जारी किए हैं।

जम्मू-कश्मीर में सभी पद गाने का कांग्रेस ने विरोध किया

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख तारिक हमीद कर्रा ने बुधवार को एक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने यहां इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के दौरान गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा पूरा राष्ट्रगीत गाए जाने की आलोचना की। X पर एक पोस्ट में कर्रा ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों, गीतों और परंपराओं का हर भारतीय के दिल में खास स्थान है और उनकी असली ताकत भारत जैसे विविधतापूर्ण देश को एक साथ बांधे रखने की क्षमता में है। कर्रा ने कहा, “इसलिए यह चिंता की बात है कि हमारे गठबंधन सहयोगियों ने ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अपनाया गया संस्करण ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को बनाए रखने और साथ ही भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति और अंतरात्मा की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी के प्रति संवेदनशील रहने के बीच एक सोच-समझकर बनाया गया संतुलन था। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मुद्दा देशभक्ति का नहीं, बल्कि संवैधानिक सोच का है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने डीके शिवकुमार का लिया था नाम

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने तुरंत जवाब दिया और बताया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मौजूदगी में राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण बजाया गया था। शिवकुमार की मौजूदगी में राष्ट्रगीत गाए जाने का वीडियो शेयर करते हुए सादिक ने X पर पोस्ट किया, “जनाब कर्रा साहब, कृपया अपनी कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के काम पर भी नज़र डालें और अपने बहुमूल्य विचार सबके साथ साझा करें।

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