15 September, 2026 (Tuesday)

बाईं करवट सोने से क्या फायदा होता है, खाना खाते ही सोने वालों के लिए क्यों है जरूरी

सोने की अलग-अलग कई पॉजिशन हैं। कुछ लोग दाईं करवट सोते हैं कुछ लोगों को बाईं करवट सोने की आदत होती है। कई बार लोग पेट के बल और कई बार पीठ के बल सोते हैं। लेकिन बाईं करवट सोना अच्छा माना जाता है। आइये जानते हैं इसके फायदे।
रात में सोते वक्त आप न जाने कितनी पॉजिशन बदलते हैं। कभी दाईं करवट सोते हैं तो कभी बाई और कई बार उल्टे सीधे तरीके से भी सो जाते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट बाईं करवट सोने की सलाह देते हैं। इससे एसिड रिफ्लक्स जैसे लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि सोने से पहले आप क्या खाते हैं इससे भी नींद और एसिड पर असर पड़ सकता है। एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन फिजिशियन डॉक्टर कुणाल सूद ने इंस्टाग्राम पर नींद से जुड़े पांच महत्वपूर्ण तथ्यों और उसकी क्वालिटी को प्रभावित करने वाले बिंदुओं पर ध्यान दिया है।

डॉक्टर कुणाल सूद के मुताबिक नींद और आपकी रोज की आदतों के बीच संबंध हो सकता है, जिनमें देर रात खाना, पेट की परेशानी, कुछ खान-पान और दूसरे कारक भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

बाईं करवट सोने से एसिड रिफ्लक्स कम
एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब पेट का एसिड वापस खाने की नली और गले में आ जाता है, अक्सर ऐसा खाना नली के निचले हिस्से में मौजूद वाल्व के लूज होने या कमजोर होने के कारण होता है। हालांकि डाइट और जीवनशैली को आमतौर पर रिफ्लक्स से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सोने की पॉजिशन आपके शरीर में एसिड रिफ्लक्स को कम करने में मदद कर सकती है। डॉक्टर सूद के मुताबिक बाईं ओर करवट लेकर सोने से पेट और अन्नप्रणाली के बीच के जोड़, जिसे लोअर ओसोफेजियल स्फिंक्टर (एलईएस) के नाम से जाना जाता है, उसे पेट के एसिड के लेवल से ऊपर रखने में मदद मिल सकती है। इससे एसिड को वापस फूड पाइप में जाने से रोकने में मदद मिल सकती है।
सोने से पहले खाना खाने से नींद में खलल
अगर आप सोने से ठीक पहले बहुत अधिख खाना काते हैं तो इससे नींद की क्वालिटी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पाचन क्रिया शरीर को उस समय सक्रिय रखती है जब उसे आराम करने के लिए शांत होना चाहिए, जिससे सोना या रात भर सोए रहना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर ने जोर देकर कहा कि सोने से दो घंटे पहले भारी भोजन करने से नींद में खलल पड़ सकता है। सोने के ठीक पहले खाने से घ्रेलिन और इंसुलिन जैसे हार्मोन उत्तेजित होते हैं, जो मेलाटोनिन नींद का हार्मोन को बढ़ाने में मुश्किल पैदा करते हैं। इससे आपकी रोज की लय बिगड़ सकती है।

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