कानपुर विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार को लेकर हुई कार्रवाई, तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज; एक को किया गया बर्खास्त
कानपुर विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने सख्त रुख अपनाते हुए अलग-अलग मामलों में हुई जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने सख्त रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में हुई जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद KDA के तीन कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इसमें एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करने के अलावा एक कर्मचारी को सस्पेंड किया गया, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में पहले से निलंबित चल रहे कर्मचारी का डिमोशन किया गया है। एक साथ तीन कर्मचारियों पर हुई इस कार्रवाई से KDA के भीतर हड़कंप की स्थिति है। कार्रवाई में संपत्ति के दोबारा आवंटन, मुआवजे की रकम के बदले रिश्वत लेने और भूखंडों से जुड़ी अनियमितताओं जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
पूर्व PA रहे वरिष्ठ लिपिक पर भी गिरी गाज
कानपुर विकास प्राधिकरण के वीसी के पूर्व निजी सहायक रहे वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे को विवादित प्रॉपर्टी के दोबारा आवंटन के मामले में निलंबित किया गया है। आरोप है कि विवादित संपत्ति को दोबारा आवंटित कराने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही। प्राधिकरण स्तर पर मामले की जांच के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। खास बात यह है कि कश्यप कांत दुबे पूर्व में KDA VC के PA की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को प्राधिकरण के भीतर भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी पर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व PA रहे वरिष्ठ लिपिक पर भी गिरी गाज
कानपुर विकास प्राधिकरण के वीसी के पूर्व निजी सहायक रहे वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे को विवादित प्रॉपर्टी के दोबारा आवंटन के मामले में निलंबित किया गया है। आरोप है कि विवादित संपत्ति को दोबारा आवंटित कराने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही। प्राधिकरण स्तर पर मामले की जांच के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। खास बात यह है कि कश्यप कांत दुबे पूर्व में KDA VC के PA की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को प्राधिकरण के भीतर भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी पर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई तय
KDA में एक साथ तीन कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर की कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर एक कर्मचारी की बर्खास्तगी, दूसरे के निलंबन और तीसरे के डिमोशन से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि प्राधिकरण के कामकाज में भ्रष्टाचार या नियमों की अनदेखी को लेकर कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा। प्रॉपर्टी आवंटन और भूखंडों से जुड़े मामलों में KDA में पहले भी शिकायतें और विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में ताजा कार्रवाई की चर्चा इसलिए भी है क्योंकि इसमें प्राधिकरण के तीन अलग-अलग कर्मचारियों पर एक साथ गाज गिरी है। VC अंकुर कौशिक के इस एक्शन के बाद अब कर्मचारियों के बीच भी यह संदेश गया है कि फाइलों में गड़बड़ी, संपत्ति आवंटन में अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने पर जिम्मेदार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
