07 June, 2026 (Sunday)

अगले साल से ‘फ्लीट मोड’ में 10 परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाना शुरू करेगा भारत

भारत अगले आने वाले तीन वर्षों में एक साथ 10 परमाणु रिएक्टरों का निर्माण करेगा।‌ कर्नाटक के कैगा में अगले साल 700 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए नींव डालने के साथ भारत अगले तीन वर्षों में ‘फ्लीट मोड’ में एक साथ 10 परमाणु संयंत्रों के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए तैयार है। नींव के लिए कंक्रीट डालने (एफपीसी) के साथ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण अब पूर्व-परियोजना चरण से आगे बढ़कर निर्माण को गति देने का संकेत है।

परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया

परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के परियोजना स्थल पर खोदाई की गतिविधियां भी शामिल हैं। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधिकारियों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति को बताया कि कैगा में इकाइयों-पांच और छह का एफपीसी 2023 में अपेक्षित है। गोरखपुर हरियाणा अणु विद्युत परियोजना इकाइयों-तीन और चार तथा माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना इकाई एक से चार का एफपीसी 2024 में अपेक्षित है। वहीं 2025 में चुटका मध्य प्रदेश परमाणु ऊर्जा परियोजना इकाइयों एक और दो का एफपीसी होने की संभावना है।

परियोजना की लागत

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने जून 2017 में 700 मेगावाट के 10 स्वदेशी विकसित भारी जल संयंत्र (PHWR) के निर्माण को मंजूरी दी थी। ये 10 पीएचडब्ल्यूआर 1.05 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने लागत कम करने और निर्माण के समय में तेजी लाने के उद्देश्य से एक बार में 10 परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों के निर्माण को मंजूरी दी थी।

डीएई अधिकारी ने कहा

अगले साल शुरू होने वाले 10 परमाणु रिएक्टरों के सन्दर्भ में डीएई अधिकारी ने कहा कि गोरखपुर इकाई तीन और चार तथा कैगा इकाई पांच और छह के टरबाइन आइलैंड के लिए इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण पैकेज दिए गए हैं। ‘फ्लीट मोड’ के तहत पांच साल की अवधि में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण की उम्मीद है।

 

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *