देवरिया में मुहर्रम जुलूस के दौरान करतब दिखाते समय झुलसा युवक, घटना का वीडियो हुआ वायरल
देवरिया के मालवीय रोड पर मुहर्रम जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। अखाड़े में करतब दिखाते समय सद्दाम खान नामक युवक अचानक आग की चपेट में आकर झुलस गया।
उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मुहर्रम के जुलूस के दौरान अखाड़े में करतब दिखा रहा एक युवक अचानक आग की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, वहां मौजूद लोगों और साथियों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सद्दाम को करतब दिखाने के दौरान लगी आग
यह पूरी घटना 26 जून 2026 दोपहर करीब 12:15 बजे की है। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मालवीय रोड पर मुहर्रम के सभी जुलूस पारंपरिक और शांतिपूर्ण ढंग से निकाले जा रहे थे। इसी दौरान 5-स्टार क्लब अखाड़े की ओर से भी खिलाड़ी अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन कर रहे थे। अखाड़े का एक 24 वर्षीय खिलाड़ी सद्दाम जो कि बांस देवरिया का निवासी है, आग से जुड़ा एक खतरनाक करतब दिखा रहा था। इसी प्रदर्शन के दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर आग की लपटों की चपेट में आ गया और झुलस गया।
अस्पताल में चल रहा है सद्दाम का इलाज
युवक को आग की चपेट में आता देख अखाड़े के अन्य सदस्यों और मौके पर मौजूद लोगों ने गजब की तत्परता दिखाई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए सद्दाम को सुरक्षित बाहर निकाला। आग को बुझाकर पीड़ित युवक को तत्काल First Aid उपलब्ध कराया गया। सद्दाम खान को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार, उनकी हालत अब सामान्य और खतरे से बाहर है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया।
संजय कुमार रेड्डी ने दी मामले की जानकारी
मामले की पुष्टि करते हुए देवरिया के क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि यह घटना मालवीय रोड पर जुलूस के दौरान हुई थी। उन्होंने कहा कि 5-स्टार क्लब अखाड़े का खिलाड़ी सद्दाम करतब दिखाने के दौरान झुलस गया था। उसे वहां मौजूद लोगों द्वारा तत्परता से बचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। वर्तमान में युवक की स्थिति बिल्कुल सामान्य है और किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस छिटपुट घटना के बाद भी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही और मुहर्रम का जुलूस पूरी तरह से सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
