यूपीः “पुराने गुंडे मिट्टी में मिल गए, जो पैदा होंगे वे भी मिट्टी में मिल जाएंगे”, रसड़ा कोतवाल ने माफियाओं को चेताया
बलिया में रसड़ा के कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि गुंडों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस से कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लें।
बलियाः रसड़ा के कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने अपराधियों और माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी है। बदमाशों को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। कोतवाल ने चेतावनी देते हुए कहा, “पुराने गुंडे मिट्टी में मिल गए, जो नए गुंडे पैदा होंगेस वे भी मिट्टी में मिल जाएंगे।”
कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह का यह बयान जिले में अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान के बीच सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति शांति व्यवस्था को भंग करने, कानून को चुनौती देने या अपराध में संलिप्त होने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों पर सख्त है पुलिस
रसड़ा पुलिस द्वारा लगातार अपराधियों, माफियाओं और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जिले में शांति बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस का यह सख्त संदेश साफ संकेत देता है कि बलिया में अपराध और गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
बता दें कि बलिया पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले रही है। अभी हाल में ही मनियर पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो भाइयों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी के पिता की तहरीर पर मनियर थाने में 21 अप्रैल को राजकमल वर्मा (35) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 ( महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 352 (जानबूझकर अपमान) व 351(3) (जान से मारने व गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी कि इसी बीच किशोरी के पिता ने 19 मई को एक और शिकायत में आरोप लगाया कि उसी दिन भोर में उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया। तहरीर में कहा गया कि 21 अप्रैल को मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी समझौते का दबाव बनाने के लिए धमकियां दे रहा था।
