21 October, 2026 (Wednesday)

वन विभाग का हाईटेक बेरियर बना अवैध वसूली का अड्डा, एक्सक्लूसिव वीडियो आया सामने

बालोद(ईएमएस)। जिले में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। लकड़ी की अवैध कटाई, सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और फर्नीचर निर्माण घोटाले की जांच अभी थमी भी नहीं थी कि विभाग का एक और गंभीर मामला उजागर हो गया है। आमाडुला मार्ग पर तालगांव के पास लगाए गए तथाकथित हाईटेक बेरियर पर चेकिंग की आड़ में खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है, जिसका एक्सक्लूसिव वीडियो सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, इस बेरियर पर तैनात प्रभारी मनसुख लाल ठाकुर आने-जाने वाली गाड़ियों से नियमों को ताक पर रखकर पैसे वसूल रहे हैं। जबकि इस नाके का उद्देश्य वनोपज की जांच और अवैध परिवहन पर रोक लगाना है, लेकिन हकीकत में यह बेरियर अवैध कमाई का जरिया बन चुका है। सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बेरियर प्रभारी गिट्टी से लदी गाड़ियों को रोकते हैं, दस्तावेजों की औपचारिक जांच करते हैं और फिर हर वाहन से 100 रुपये ‘एंट्री’ के नाम पर वसूली करते हैं। वीडियो में दो गाड़ियों से 200 रुपये लेते हुए उन्हें बेरोकटोक आगे रवाना किया गया। इस दौरान न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही किसी रजिस्टर में विधिवत एंट्री की जाती है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गिट्टी, रेत, मुरुम, ईंट, लकड़ी, सेंट्रिंग सामग्री और सीमेंट लेकर गुजरते हैं। बावजूद इसके, बेरियर रजिस्टर में केवल चुनिंदा वाहनों की ही एंट्री दर्ज होती है। यदि हर गाड़ी से मात्र 100 रुपये भी वसूले जाएं, तो रोजाना 10 हजार रुपये से अधिक की अवैध वसूली की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चौंकाने वाली बात यह है कि यह बेरियर जिला मुख्यालय से सिर्फ 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पास में ही तालगांव की नर्सरी होने के कारण वन विभाग के अधिकारियों का इस रास्ते से नियमित आवागमन रहता है। इसके बावजूद बेरियर पर चल रही खुली वसूली पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना, अधिकारियों की मौन सहमति और विभागीय संरक्षण की ओर इशारा करता है। अब सवाल यह है कि राज्य की उड़नदस्ता टीम और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेंगे और क्या हाईटेक बेरियर पर चल रही यह “हाई-लेवल वसूली” कभी बंद होगी या नहीं।

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