22 August, 2026 (Saturday)

बद्रीनाथ धाम के वित्तीय अनियमितता मामले की FIR में बड़ा खुलासा! जानें कैसे सामने आई गड़बड़ी और प्रमोद नौटियाल पर क्यों लगा आरोप?

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता मामले की FIR में बड़ा खुलासा हो गया है। इस आर्टिकल में जानें कि वित्तीय अनियमितताएं कैसे सामने आईं और प्रमोद नौटियाल पर आरोप क्यों लगे।
उत्तरांखड के बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस बीच, इस मामले की FIR सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि कैसे वित्तीय गड़बड़ी हुई है और इसे कैसे पकड़ा गया।
बद्रीनाथ मंदिर थाली भेंट गणना में हुई वित्तीय अनियमितता
बता दें कि FIR में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया गया है। उसमें बताया गया है कि बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कैसे घोटाला हुआ। FIR में लिखा है कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को सोशल मीडिया के जरिए 2 जुलाई, 2026 को श्री बद्रीनाथ मंदिर थाली भेंट गणना में हुई वित्तीय अनियमितता से जुड़ी सूचना मिली। फिर, इस पर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के आदेश पर विभागीय जांच समिति गठित करते हुए जांच की गई।

थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से उठाई गई धनराशि
फिर प्राथमिक जांच आख्या में संबंधित कर्मी प्रमोद नौटियाल को प्रथम दृष्टया मंदिर धनराशि को सुबह लगभग 9 से साढ़े 9 बजे तक थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाए जाने की पुष्टि करते हुए कार्यालय आदेश के क्रम में निलंबित कर दिया गया है। जिसके बाद, थाली भेंट धनराशि को अवैध रूप से अपने निजी हित में अपने साथ ले जाए जाने के क्रम में संबंधित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ FIR दर्ज हुई।

आरोपी प्रमोद नौटियाल को किया गया सस्पेंड
सीएम धामी के निर्देश पर 3 सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप होंगे। यह समिति मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे से संबंधित अनियमितताओं की जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके साथ ही, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शुरुआती जांच में आरोपों के घेरे में आए प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया है। प्रमोद नौटियाल अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक हैं।

3 सदस्यीय समिति कौन-कौन?
गौरतलब है कि नई गठित समिति में अध्यक्ष आनंद स्वरूप के अलावा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय में निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी इसके सदस्य होंगे।

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