24 June, 2026 (Wednesday)

चेतन से प्यार और केतन से सगाई, सिया ने मंगेतर की कैसे हत्या की, CCTV से साजिश का यूं हुआ खुलासा

पुणे के लोहगढ़ किले में बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस ने इसकी पूरी जानकारी दी है। जून की गर्मी में चेतन ने हूडी वाला जैकेट पहन रखा था, सीसीटीवी ने सिया और उसके प्रेमी की कैसे पोल खोल दी? जानें…
सीसीटीवी ने कैसे खोल दी हत्या की पोल

किले के टिकट काउंटर के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में चेतन 18 जून को पुणे के 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और उनकी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल का पीछा करते हुए दिखाई दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद केतन की मौत हो गई। सीसीटीवी में दिखाई दिए उस आदमी की संदिग्ध हरकतें, अपना चेहरा छिपाना और उसके अजीब कपड़े देखकर पुलिस को केतन की मौत के मामले की फिर से जांच करने का ख्याल आया, जिसे शुरू में गलती से हुई मौत का मामला माना गया था।

जब पुलिस ने इस मौत की घटना की जांच की, तो पता चला कि केतन की मौत वाले दिन चेतन अपना फ़ोन अपनी दुकान में ही छोड़ गया था और उसका इंटरनेट भी बंद कर दिया था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। इन तमाम तरह के सबूत की वजह से पुलिस उस मामले की तह तक पहुंच पाई, जिसमें सिया और केतन की शुरू होने वाली शादीशुदा जिंदगी खत्म हो गई।

सिया और चेतन ने केतन को दी मौत की सजा
आरोप है कि सिया और उसके प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेल दिया था। सिया और चेतन दोनों पुलिस की हिरासत में हैं और पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी बातें पता चलीं जिनसे मौत की जगह हत्या का शक गहरा गया और जांच आगे बढ़ी। किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें केतन और सिया एक साथ दिखाए दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस को सिया और केतन के पीछे एक और शख्स दिखाई दिया।

जून की गर्मी और चेतन की हुडी ने बढ़ाया शक

पुलिस ने बताया, सीसीटीवी में दिख रहे उस आदमी ने शॉर्ट्स और हुडी पहनी हुई थी। हुडी का अगला हिस्सा इतना नीचे खींचा हुआ था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। साथ ही, उस आदमी ने हुडी के ऊपर हेडसेट भी पहना हुआ था। पुसिस ने जब घटना के समय मौसम की स्थिति की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था; जिससे हैरानी हुई कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। ऐसे मौसम में किसी व्यक्ति का अपना चेहरा ढके हुए होना मौत नहीं हत्या के लिए एक अहम सुराग बन गया।

चेतन और सिया के कॉल डिटेल्स में क्या मिला
सिया के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि चेतन के साथ उसकी बहुत ज़्यादा बातचीत होती थी। दोनों के बीच लंबे समय तक हज़ारों कॉल हुए थे, जिनमें कई बातचीत घंटों तक चली थीं। तकनीकी जांच से दोनों के बीच करीबी संबंध का पता चला और एक सोची-समझी साज़िश की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस ने उनकी तस्वीरें और सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल की जांच की तो संदेह हुआ कि सिया चेतन से प्यार करती थी और केतन के साथ शादी नहीं करना चाहती थी।

पूछताछ के दौरान चेतन से पूछा गया कि उसने और सिया ने भागने के बारे में क्यों नहीं सोचा और केतन को खत्म करने का रास्ता ही क्यों चुना। तो चेतन ने बताया कि सिया केतन से सगाई तोड़ने और चेतन के साथ भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने से उसके परिवार की बदनामी होगी।

जानें इस पूरी घटना से जुड़ी खास बातें

18 जून को सिया का ग्रुप लोहगढ़ किले पहुंचा, चेतन उनके ग्रुप का हिस्सा नहीं था। उसने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर दुकान पर छोड़ दिया था।

पुलिस ने उन सभी लोगों से पूछताछ की जिन्होंने घटना के दिन चेतन के नंबर पर कॉल किया था। कॉल करने वालों ने पुष्टि की कि चेतन ने खुद उन कॉल्स का जवाब नहीं दिया; बल्कि उसकी दुकान के कर्मचारियों ने जवाब दिया।

जब सिया का ग्रुप किले में एक ऐसी जगह पर पहुंचा जहां खाई बहुत गहरी थी, तो चेतन पीछे से उनके साथ आ मिला। केतन लगभग 400 फ़ीट नीचे गिर गया और खाई की तलहटी में उसकी मौत हो गई।

सिया ने खुद लोनावाला ग्रामीण पुलिस को फ़ोन किया और कहा कि घाटी के पास तस्वीरें लेते समय उसका मंगेतर फिसल गया था। उसने तेज़ हवाओं का हवाला दिया और इसे एक हादसा बताया। पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया।

19 जून को, बचाव दलों ने मुश्किल और ऊबड़-खाबड़ इलाके में एक कठिन ऑपरेशन के बाद केतन का शव बरामद किया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में उनकी भव्य शादी होने वाली थी, जिसके लिए एक महल बुक किया गया था।

केतन के परिवार वालों ने बताया कि सिया ने पहले शादी को लेकर संदेह जताया था और एक बार पूछा था कि क्या शादी को एक साल के लिए टाला जा सकता है।

केतन की बहन संजना और दूसरे रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि सिया ने केतन से बार-बार लोहगढ़ किला घूमने जाने के लिए कहा था।

सिया 31 मई को केतन को लोहगढ़ ले गई थी और 4 जून को फिर से जाना चाहती थी, लेकिन उसकी मां ने उसे रोक दिया।

14 जून को सिया ने केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह एक झाड़ी को पकड़ने में कामयाब रहा। जब केतन ने पूछा कि क्या हुआ, तो उसने कथित तौर पर सांप होने का शोर मचाया और घटना को ऐसे पेश किया जैसे उसने ही उसे बचाया हो।

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