23 October, 2026 (Friday)

कानपुर किडनी कांडः OT मैनेजर अली कबूलनामा- ‘बिना डिग्री के13 किडनी ट्रांसप्लांट किए, दो मरीजों की हुई थी मौत’

कानपुर किडनी कांड में आरोपी ओटी मैनेजर मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ़ डॉ अली ने पूछताछ में माना है कि उसने अवैध तरीके से 13 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट किया था। इनमें से दो मरीजों की जान चली गई थी।
कानपुर का ‘किडनी कांड’ एक ऐसा मामला जहाँ इंसानी जिंदगी की कीमत सिर्फ चंद रुपयों में लगा दी गई। ​कल्पना कीजिए, आप एक अस्पताल जाते हैं यह सोचकर कि डॉक्टर आपकी जान बचाएगा, लेकिन वहां ऑपरेशन टेबल पर डॉक्टर नहीं, बल्कि एक 12वीं पास ‘मुन्नाभाई’ खड़ा है। जी हां, कानपुर पुलिस की गिरफ्त में आए ओटी मैनेजर मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ़ डॉ अली ने जो खुलासे किए हैं। उसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।
थाना रावतपुर में किडनी कांड की एफआईआर दर्ज हुई थी लेकिन उसमें मुदस्सर अली उर्फ डॉ अली का नाम नहीं था लेकिन शुरुआती गिरफ्तारी के बाद विवेचना में नाम खोल दिया गया था। इसमें मुदस्सर अली को भी आरोपी बनाया गया था। बीते 16 मार्च को कानपुर कोर्ट में गुपचुप तरीके से मुदस्सर अली को हाजिर किया गया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट से मुदस्सर अली की रिमांड की मांग की जो मंजूर कर ली है थी उसी पूछताछ में कई खुलासे हुए ।

बिना डिग्री के 13 किडनी ट्रांसप्लांट

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​पुलिस की पूछताछ में अली ने स्वीकार किया है कि बिना किसी डॉक्टरी डिग्री के उसने अब तक 13 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं। इनमें से 3 मेरठ में और 10 कानपुर के अलग-अलग अस्पतालों में अंजाम दिए गए। खौफनाक बात यह है कि इन अवैध ऑपरेशनों के बाद दो मरीजों की जान भी चली गई।

​इस पूरे रैकेट की जड़ें बहुत गहरी हैं। अली, जो मूल रूप से दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है, उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह मेरठ के अल्फा अस्पताल में ओटी मैनेजर था, जहां उसने अवैध तरीके से ऑपरेशन करना ‘सीख’ लिया। इसके बाद, उसने रोहित तिवारी नाम के शख्स के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया। कानपुर के केशवपुरम् स्थित आहूजा अस्पताल, मेडलाइफ अस्पताल और स्वरूप नगर के रमाशिव अस्पताल में इस मौत के खेल को अंजाम दिया गया।

दो मरीजों की हुई थी मौत

अली ने पुलिस को बताया कि रमाशिव अस्पताल में साल 2023 में एक पुरुष की मौत हुई थी, जबकि मेडलाइफ अस्पताल में नवंबर 2025 में एक महिला का ट्रांसप्लांट किया गया, जिसकी बाद में दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं है, बल्कि एक पूरे सिस्टम की विफलता है। इस मामले में अब तक डॉक्टर दंपती समेत 11 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के सरगना रोहित और दलाल शिवम अग्रवाल को रिमांड पर लेने की तैयारी में है ताकि इस नेटवर्क के बाकी चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

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