24 October, 2026 (Saturday)

झारखंड में आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, बंद अस्पताल में दिखाए गए सैकड़ों ऑपरेशन

झारखंड के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला आयुष्मान योजना के तहत फर्जी क्लेम से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त रवि आनंद ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए।

बंद अस्पताल में 600 ऑपरेशन का दावा
जांच के दौरान रिकॉर्ड में एक महीने के भीतर 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाए गए थे, लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल पूरी तरह बंद मिला। इस विरोधाभास ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

करामातंड नर्सिंग होम में भारी अनियमितताएं
निरीक्षण में करामातंड नर्सिंग होम समेत कई संस्थानों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। अस्पताल बिना जरूरी अनुमति के चल रहा था और वहां न तो प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद थे और न ही सही मेडिकल रिकॉर्ड रखे जा रहे थे।

फर्जी मरीज और संदिग्ध क्लेम
जांच में पाया गया कि मरीजों के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद थे या दूसरे राज्यों के थे। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि फर्जी मरीजों के नाम पर आयुष्मान योजना के तहत क्लेम उठाया जा रहा था।

नियमों के खिलाफ इलाज और दवा बिक्री
अस्पताल में ओपीडी सेवाएं नियमों के विपरीत संचालित हो रही थीं और बिना लाइसेंस के दवाइयां बेची जा रही थीं। ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीजों को डिस्चार्ज करना भी गंभीर लापरवाही का संकेत है।

प्रशासन का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित अस्पताल को सील करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सिविल सर्जन को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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