21 October, 2026 (Wednesday)

देश में कोरोना बढ़ा तो बढ़ने लगी सख्ती, मास्क और शारीरिक दूरी की अनदेखी पर दर्ज होगा केस

देश में कोरोना की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। ऐसे में राज्यों ने फिर से सख्ती शुरू कर दी है। उत्तराखंड में जहां मास्क और शारीरिक दूरी की अनदेखी पर मुकदमे दर्ज होंगे। वहीं, शुक्रवार को अल्मोड़ा पहुंचे दिल्ली-एनसीआर के 66 सैलानियों की बस को लौटा दिया गया। वहीं, झांसी की दतिया स्थित पीठ में बिना निगेटिव रिपोर्ट के आने पर पाबंदी लगा दी है। उत्तर प्रदेश में ऐहतियातन पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 11 अप्रैल तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया गया है।

उत्तराखंड में बढ़ते मामलों से फिक्रमंद सरकार इस महामारी की रोकथाम को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। सभी जिलों के निवासियों और पर्यटकों को सार्वजनिक स्थलों एवं कार्य स्थलों पर अनिवार्य रूप से कोविड-19 से सुरक्षा को मास्क पहनने और शारीरिक दूरी का पालन सख्ती से करना होगा। अन्यथा उनके खिलाफ महामारी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है।

अल्मोड़ा से लौटाए 66 सैलानी

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेज होते ही जिले के बार्डर पर लाकडाउन जैसे दिन लौट आए हैं। बगैर रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालिमर्स चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) टेस्ट कराए बाहरी राज्यों से सैर सपाटे को 16 वाहनों से पहुंचे करीब 66 लोगों को बैरंग लौटा दिया गया। इनमें ज्यादातर दिल्ली व बरेली के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, फरीदाबाद, हापुड़, गुरुग्राम आदि शहरों के पर्यटक थे।

उप्र में आठवीं तक के सभी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश में कक्षा आठ तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद रहेंगे। लेकिन प्रशासनिक कार्यो के लिए शिक्षक स्कूल आते रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थलों पर मास्क न लगाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा है।

पीतांबरा पीठ में कोरोना रिपोर्ट से ही मिलेगा प्रवेश

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीतांबरा पीठ में दर्शन के लिए कोरोना रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। अब कोरोना रिपोर्ट दिखाने पर ही मंदिर के अंदर प्रवेश मिल पाएगा।

लद्दाख में लग सकता है नाइट कर्फ्यू

लद्दाख में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन नाइट कफ्र्यू का फैसला कर सकता है। लद्दाख के लेह व कारगिल जिलों में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नई हिदायतें जारी की गई। डिप्टी कमिश्नरों से कहा गया है कि वे अपने जिलों के हालात को देखते नाइट कफ्र्यू लगा सकते हैं। सैनिकों के लिए हिदायतें : लद्दाख में तैनात सैनिकों व अर्धसैनिक बलों के लिए हिदायतें अलग हैं। छुट्टी से लौट रहे सुरक्षाकर्मियों को सीधे अपनी यूनिटों में भेजा जाएगा। यूनिटें तय करेंगी कि पहले से बनाई गई व्यवस्था के तहत उन्हें लौटे रहे जवानों को किस तरह से क्वारंटाइन करना है।

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