15 October, 2026 (Thursday)

मणिपुर में फूड पॉइजनिंग से मचा हड़कंप, BSF के 75 जवानों समेत 78 लोग अस्पताल में हुए एडमिट

मणिपुर के इंफाल में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण BSF के 75 जवानों समेत 78 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नाश्ते के बाद सभी को उल्टी और मतली की शिकायत हुई।

मणिपुर की राजधानी इंफाल में गुरुवार को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 75 जवानों समेत तीन अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी को उल्टी और मतली की शिकायत होने के बाद क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ के जवानों और तीन नागरिकों को गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि नाश्ता करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी व मतली की समस्या होने लगी। RIMS के एक अधिकारी ने बताया कि सभी मरीजों को आपातकालीन विभाग में तत्काल उपचार दिया गया। फिलहाल, सभी की हालत स्थिर है। प्रारंभिक तौर पर उनके बीमार होने की वजह संदिग्ध फूड पॉइजनिंग मानी जा रही है।

जबरन वसूली के आरोप में दो उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने जबरन वसूली की गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के बयान के अनुसार, राज्य पुलिस कमांडो की टीम ने मंगलवार को इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई इलाके में अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (PREPAK) के 39 वर्षीय सक्रिय सदस्य अहोंगशांगबाम पिंकुमणि सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर जिले के क्वाक्ता इलाके से प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (वांगलेन) से जुड़े 60 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल हकीम को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, वह इलाके में जबरन वसूली की गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल था। पुलिस ने बताया कि मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल सभी जिलों में सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गश्त भी की जा रही है। गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने मणिपुर में हिंसा के फिर से भड़कने के मद्देनजर एएफएसपीए के तहत 6 महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया है।

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