06 October, 2026 (Tuesday)

गाजियाबाद में रावण के पुतले में पटाखे भरते समय धमाका, 5 लोग झुलसे

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर स्थित नगर निगम के एक सामुदायिक केंद्र में 5 अक्टूबर सुबह रावण के पुतले में पटाखे भरते समय अचानक भीषण ब्लास्ट हो गया।
गाजियाबाद में दशहरा से पहले रावण के पुतले की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित नगर निगम के सामुदायिक केंद्र में 5 अक्टूबर की सुबह रावण के पुतले में पटाखे भरते समय अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की चपेट में आकर पांच लोग झुलस गए। इनमें कुछ नाबालिग भी बताए जा रहे हैं। विस्फोट इतना तेज था कि सामुदायिक केंद्र के बड़े हॉल की दो दीवारें भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुतले में पटाखे भरने के दौरान हुआ धमाका
घटना 5 अक्टूबर की सुबह करीब 9:26 बजे की है। फायर विभाग के मुताबिक, साहिबाबाद फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को रामलीला मैदान, शनि चौक के पास पटाखों की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी, साहिबाबाद के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी और तीन फायर टेंडर मौके के लिए रवाना किए गए। दमकल की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो मामला पटाखों की दुकान में आग लगने का नहीं, बल्कि रामलीला मैदान के पीछे बने सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में आग लगने का सामने आया। फायर कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। इसके बाद हॉल का निरीक्षण करने पर पता चला कि वहां रामलीला के लिए रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पुतले के अंदर पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री भरी जा रही थी, तभी अचानक आग भड़क उठी और धमाका हो गया।
दो घायल गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल रेफर
बताया जा रहा है कि रावण का पुतला तैयार करने का ठेका रामलीला कमेटी ने अनिल सिंह नाम के व्यक्ति को दिया था। हादसे के समय उनके मजदूर पुतले में पटाखे भरने का काम कर रहे थे। अचानक लगी आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में झुलसे पांचों लोगों को तत्काल इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जबकि तीन अन्य को जीटीबी अस्पताल भेजा गया। पुलिस और फायर विभाग की टीमों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की जानकारी जुटाई। अब तक दो घायलों की पहचान ऋषभ और हरेंद्र के रूप में हुई है, जबकि बाकी तीन की पहचान की जा रही है। हादसे के बाद इलाके में मौके पर अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित होने की अफवाह भी फैल गई। हालांकि, पुलिस ने इन दावों को खारिज किया है। एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने स्पष्ट किया कि वहां पटाखे बनाने का कोई काम नहीं हो रहा था।

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