10 June, 2026 (Wednesday)

ट्रेन में भीड़ से यात्री की मौत का दावा निकला झूठा, रेलवे ने अपने जवाब में क्या कहा जानिए

Bengaluru Railway Station Video : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा था। जिसमें ट्रेन में भीड़ से यात्री की मौत का दावा किया गया था। इस पर अब रेलवे ने जवाब दिया है।
Bengaluru Railway Station Video : सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने रेलवे यात्रियों के बीच दहशत फैला दी थी। वीडियो में एक बेहोश यात्री को स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाते दिखाया गया था और दावा किया गया कि टुमकुरू रेलवे स्टेशन पर चालुक्य एक्सप्रेस की जनरल बोगी में भीड़ के कारण एक यात्री की दम घुटने से मौत हो गई। लेकिन दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।

रेलवे का जवाब
इस वीडियो के वायरल होने के बाद रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्री की मृत्यु स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण हुई थी, न कि ट्रेन में भीड़भाड़ से, मृतक मालतेश (37), राणेबेन्नुर निवासी था और, चालुक्य एक्सप्रेस से अपने परिवार के साथ अनारक्षित कोच में यात्रा कर रहा था, यात्रा के दौरान मालतेश अचानक बेहोश हो गया, टुमकुरू स्टेशन पर पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने प्राथमिक उपचार दिया और स्टेशन आने के बाद उसे तुरंत एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल भेजा गया, अस्पताल में डॉक्टरों ने मालतेश को मृत घोषित कर दिया। दम घुटने से मौत कहकर इस वीडियो को पोस्ट कर दिया गया जिसे दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने झूठा और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।

रेलवे ने आंकड़े भी समझाए
दक्षिण पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया कि भीड़ या दम घुटने से मौत का कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के पिछले बोर्डिंग स्टेशनों पर अनारक्षित टिकटों की बिक्री काफी कम थी। धर्मपुरी स्टेशन से मात्र 10 टिकट, होसुर से 40 और एसएमवीटी बेंगलुरु से 40 टिकट जारी किए गए थे। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि कोच क्षमता से काफी कम भरे हुए थे, इसलिए भीड़ से दम घुटने की कोई संभावना ही नहीं थी। रेलवे ने मालतेश को पहले से स्वास्थ्य समस्याएं बताकर ​वीडियो को गलत बताया।

अफवाह न फैलाने की अपील
रेलवे ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि, ‘ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर अफवाहें न फैलाएं और न ही वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। यह घटना ट्रेन की भीड़भाड़ से जुड़ी नहीं है, बल्कि यात्री की व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के कारण हुई है।’ गौरतलब है कि, गलत सूचना से न केवल रेलवे की छवि खराब होती है बल्कि यात्रियों में अनावश्यक भय भी पैदा होता है।हालांकि इस घटना से रेलवे में भीड़ प्रबंधन, सामान्य कोचों की उपलब्धता और स्वास्थ्य आपातकालीन प्रबंधन पर फिर से चर्चा छिड़ गई है। भारतीय रेलवे लगातार जनरल कोचों की संख्या बढ़ाने, आरक्षण प्रक्रिया सुधारने और स्टेशनों पर बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। विशेषकर त्योहारों और पीक सीजन में भीड़ बढ़ने की शिकायतें आम हैं, लेकिन इस मामले में रेलवे के आंकड़ों ने दावों को खारिज कर दिया

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