04 November, 2026 (Wednesday)

क्या स्वामी प्रसाद मौर्या के लिए INDIA bloc के दरवाजे बंद? यूपी कांग्रेस चीफ बोलीं- ‘AJP अभी गठबंधन का हिस्सा नहीं’

क्या स्वामी प्रसाद मौर्या कांग्रेस या INDIA गठबंधन में शामिल होंगे, तो उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं फिर से यही कहूंगी कि गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि इसमें कौन शामिल होगा।”
लखनऊः उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा है कि ‘अपनी जनता पार्टी’ (AJP) के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या अभी हमारे गठबंधन में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या इंडिया गठबंधन में शामिल हों या नहीं होंगे। इस फैसला हम इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ बैठकर तय करेंगे। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में कौन शामिल होगा, कौन नहीं शामिल होगा इसला फैसला शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा।
इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि दोनों दलों के बीच में बातचीत शुरू हो चुकी है, गठबंधन तो होना ही है, जल्द सीट फाइनल हो जाएगी। हम लोगों की प्रियंका गांधी के साथ बात हुई है।

कांग्रेस नेताओं के संपर्क में मौर्या

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आपत्तियों के बावजूद कांग्रेस नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। हाल ही में मौर्या ने दिल्ली में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की मदद से राहुल गांधी से मुलाकात की। दो नवंबर को राजेंद्र पाल गौतम ने फिर से मौर्या से मुलाकात की। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए, मौर्या ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की है। इस मुलाकात का बचाव करते हुए गौतम ने कहा कि वह उन लोगों से मिलना जारी रखेंगे, जिनके साथ उन्होंने सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सालों तक काम किया है। अखिलेश यादव की नाराजगी से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इसलिए अपने सामाजिक मेलजोल को नहीं छोड़ सकते।

अखिलेश यादव कर रहे हैं मौर्या का विरोध

दरअसल, अखिलेश यादव ने मौर्या को गठबंधन में शामिल करने से साफ इनकार कर दिया है, वहीं कांग्रेस नेता लगातार उनके संपर्क में बने हुए हैं। इससे 2027 के चुनावों के लिए औपचारिक गठबंधन की घोषणा होने से पहले ही दोनों पार्टियों के बीच के मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। यह नया विवाद, सीट बंटवारे को लेकर हुई पिछली बयानबाजी के बाद सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने उन सीटों की संख्या के बारे में बात की थी जिन पर वे चुनाव लड़ना चाहते थे, जिस पर सपा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इन बयानों को लेकर अखिलेश यादव की नाराजगी की खबरें आने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने सीट बंटवारे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से काफी हद तक परहेज किया है। अब यह मतभेद मौर्य के मुद्दे पर आ गया है।

अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्या का विरोध क्यों कर रहे हैं?

लखनऊ में जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि क्या मौर्य गठबंधन का हिस्सा होंगे, तो अखिलेश यादव ने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों को भी नकार दिया। उन्होंने कहा था कि लोग बेवजह ऐसी बहस शुरू कर देते हैं। इन बातों पर ध्यान न दें। इस मामले पर चुप रहना ही बेहतर है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी के सीट-बंटवारे के हिसाब-किताब में मौर्य की कोई जगह नहीं होगी। स्वामी प्रसाद मौर्या ने भी कई बार अखिलेश यादव के खिलाफ बयान दिया है।

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