08 October, 2026 (Thursday)

जिस फिल्म ने नाना पाटेकर को बनाया सुपरस्टार, उसका बना हॉलीवुड रीमेक, मार्वल स्टार विंसेंट डी’ओनोफ्रियो ने निभाया लीड रोल

नाना पाटेकर की फिल्म ‘परिंदा’ ने हिंदी सिनेमा में गैंगस्टर कहानियों को नया अंदाज दिया। फिल्म का हॉलीवुड रीमेक ‘ब्रोकन हॉर्सेज’ बना, लेकिन शानदार कलाकारों के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रहा।
बॉलीवुड पर अक्सर हॉलीवुड फिल्मों की नकल करने या विदेशी फिल्मों से प्रेरित होकर कहानियां बनाने के आरोप लगते रहे हैं। हिंदी सिनेमा में ऑफिशियल रीमेक से लेकर अनऑफिशियल अडॉप्टेशन तक, ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं। हालांकि, इसका उल्टा काफी कम हुआ है। हॉलीवुड ने किसी चर्चित बॉलीवुड फिल्म को लेकर उसे अमेरिकी दर्शकों के हिसाब से दोबारा बनाने की कोशिश बहुत कम की है। लेकिन एक ऐसा मामला भी है, जब नाना पाटेकर की उस फिल्म का हॉलीवुड में रीमेक बनाया गया, जिसने उन्हें 80 के दशक में अलग पहचान दिलाई थी। दिलचस्प बात यह है कि बड़े कलाकारों और मजबूत टीम के बावजूद यह हॉलीवुड फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह नाकाम रही। आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं रहे हैं, ऐसे में उनकी इस बड़ी कामयाबी के बारे में बताते हैं।
‘परिंदा’ ने बदला गैंगस्टर फिल्मों का अंदाज
साल 1989 में विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में ‘परिंदा’ रिलीज हुई थी। फिल्म में अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ ने भाइयों की भूमिका निभाई थी, जबकि नाना पाटेकर ने अन्ना नाम के खतरनाक गैंगस्टर का किरदार निभाया था। माधुरी दीक्षित भी फिल्म का अहम हिस्सा थीं। फिल्म ने मुंबई के अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया को ग्लैमराइज करने के बजाय अपेक्षाकृत गंभीर और वास्तविक अंदाज में पेश किया था। ‘परिंदा’ को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों से भी काफी सराहना मिली। फिल्म की कहानी, कलाकारों का अभिनय और संगीत खास तौर पर चर्चा में रहा। ‘तुमसे मिलके’ जैसे गाने लोकप्रिय हुए। फिल्म ने दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड और पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए। इसे 1990 के एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म की कैटेगरी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री भी चुना गया था। इसी फिल्म के लिए नाना पाटेकर को अपना पहला नेशनल अवॉर्ड मिला।

पहले तमिल में बनी रीमेक, फिर हॉलीवुड पहुंची कहानी
‘परिंदा’ की कहानी का रीमेक 1998 में तमिल सिनेमा में ‘आसाई थांबी’ के नाम से बनाया गया था। लेकिन इससे भी ज्यादा चर्चा तब हुई, जब 2012 में इसे अमेरिकी दर्शकों के लिए हॉलीवुड फिल्म के तौर पर बनाने की घोषणा की गई। इस प्रोजेक्ट का नाम ‘ब्रोकन हॉर्सेज’ रखा गया। विधु विनोद चोपड़ा इस फिल्म से जुड़े थे और अभिजात जोशी ने इसकी पटकथा लिखी। हॉलीवुड वर्जन में अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ वाले किरदारों की जगह एंटन येल्चिन और क्रिस मार्केट नजर आए। वहीं नाना पाटेकर के अन्ना से प्रेरित किरदार को जूलियस हेंच नाम दिया गया, जिसे विंसेंट डी’ओनोफ्रियो ने निभाया।

मुंबई के अंडरवर्ल्ड की जगह दिखा अमेरिकन वेस्ट
‘ब्रोकन हॉर्सेज’ को भारतीय माहौल से निकालकर अमेरिकी मिडवेस्ट की पृष्ठभूमि में रखा गया। फिल्म में विशाल रैंच, काउबॉय, बंदूकें और वेस्टर्न सिनेमा की झलक दिखाई गई। इसकी सिनेमैटोग्राफी टॉम स्टर्न ने की, जो क्लिंट ईस्टवुड के साथ अपने लंबे सहयोग के लिए जाने जाते हैं। वहीं संगीत की जिम्मेदारी ऑस्कर नॉमिनेटेड कंपोजर जॉन डेबनी ने संभाली। फिल्म की अवधि भी ‘परिंदा’ से काफी कम थी। जहां ‘परिंदा’ करीब ढाई घंटे लंबी थी, वहीं ‘ब्रोकन हॉर्सेज’ लगभग एक घंटे 41 मिनट की फिल्म थी।

बड़े नाम भी नहीं बचा पाए फिल्म को
‘ब्रोकन हॉर्सेज’ में विंसेंट डी’ओनोफ्रियो और एंटन येल्चिन जैसे कलाकारों की मौजूदगी थी। उस समय डी’ओनोफ्रियो ‘फुल मेटल जैकेट’, ‘मेन इन ब्लैक’ और ‘द सेल’ जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बना चुके थे। बाद में वह मार्वल की ‘डेयरडेविल’ सीरीज में किंगपिन के किरदार के लिए भी मशहूर हुए। एंटन येल्चिन भी ‘स्टार ट्रेक’ रीबूट और ‘टर्मिनेटर साल्वेशन’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके थे। इसके बावजूद ‘ब्रोकन हॉर्सेज’ दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। करीब 15 मिलियन डॉलर के बजट में बनी इस फिल्म को समीक्षकों से भी खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। रॉटन टोमेटोज पर इसकी अप्रूवल रेटिंग महज 26 प्रतिशत रही। फिल्म की कमाई भी बेहद कमजोर रही और दुनियाभर में इसका कलेक्शन 3 लाख डॉलर से भी कम बताया गया।

‘परिंदा’ की विरासत पर नहीं पड़ा असर
हॉलीवुड रीमेक की असफलता का ‘परिंदा’ की प्रतिष्ठा पर कोई खास असर नहीं पड़ा। वर्षों बाद भी फिल्म को भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों की सूचियों में जगह मिलती रही। अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी और दिबाकर बनर्जी जैसे फिल्मकारों ने भी अपने काम पर ‘परिंदा’ के प्रभाव की बात की है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed