लेम्बोर्गिनी की तारीफ करते जिम क्लीनर को शख्स ने थमाई चाभी, फिर जो कहा वो दिल छू लेगा; Video हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लेम्बोर्गिनी की तारीफ करते जिम क्लीनर को शख्स कार की चाभी देते दिख रहा है।
हैदराबाद के एक एंटरप्रेन्योर ने जिम में काम करने वाले एक वर्कर के लिए अपनी छोटी सी दयालुता से ऑनलाइन सबका दिल जीत लिया है। एक वीडियो में, वह एक लेम्बोर्गिनी में जिम आते हुए दिखे, जबकि वर्कर फर्श साफ कर रहा था। जब उन्होंने अपनी लग्ज़री कार पार्क की, तो वर्कर को अपनी सफाई मशीन पर काम करते हुए कार की तारीफ करते हुए देखा गया। बाद में, एंटरप्रेन्योर ने उसे कार के अंदर बैठने का ऑफर दिया।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @rakesh_knv नामक हैंडल से शेयर किया गया है। कुरापति नागा वेंकट राकेश कुमार ने वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि उस वर्कर से उनकी मुलाकात उनके लिए खास मायने रखती है, क्योंकि इससे उन्हें सफल होने से पहले के अपने संघर्षों की याद आ गई। उसने वर्कर से पूछा कि क्या उसे लेम्बोर्गिनी पसंद है। कुमार ने अपनी लेम्बोर्गिनी पार्क की और थोड़ी देर के लिए चले गए, जब वर्कर ने लग्जरी कार की तारीफ की। उन्होंने कार के साथ फोटो क्लिक करने के लिए अपना फोन भी निकाला। तभी कुमार वापस आए और उनसे पूछा कि क्या उन्हें कार पसंद आई। फिर बिजनेसमैन ने वर्कर से कहा कि वह दिखाए कि उनकी सफ़ाई वाली कार कैसे काम करती है, जबकि उन्होंने उनसे अपनी लेम्बोर्गिनी की टेस्ट ड्राइव लेने के लिए कहा।
कैप्शन में बताई पूरी बात
कुमार ने कैप्शन में लिखा, “हर सुबह जब मैं जिम में अपनी कार पार्क करता हूं, तो मैं उसे देखता हूं। वही जगह, वही फ्लोर-क्लीनिंग मशीन, हर बार जब मेरी लैम्बो आती थी तो उसकी आंखों में वही भाव होता था।” “आज जब मैंने कार पार्क की तो वह मेरे ठीक बगल में आ गया। हमने हाथ मिलाया, गुड मॉर्निंग कहा। बाद में, मैंने उसे फिर से कार की तारीफ करते हुए देखा, और इस बार मैं उसके पास से गुज़र नहीं सका।” वे लिखते हैं कि, “सम्मान में कुछ खर्च नहीं होता, हाथ मिलाने में कुछ खर्च नहीं होता” उन्होंने आगे कहा, “मैंने उसे अपनी चाबियां दीं और जिस पल वह गाड़ी चला रहा था, मैंने कुछ ऐसा देखा जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। पक्का यकीन नहीं हुआ, फिर पक्का खुशी। जब कोई सपना जिसे आपने सिर्फ देखा था, अचानक वह आपके हाथ में आ जाता है, तो वह एहसास अलग होता है।”
बातचीत में मुश्किल दिनों की आई याद
कुमार ने बताया कि इस बातचीत ने उन्हें उनके मुश्किल दिनों की याद दिला दी। उन्होंने कहा, “उन्हें यह नहीं पता था कि मैं वही था। सालों पहले मैं ₹800 कमाने वाला एक सेल्समैन था, जो सुपरकार मालिकों के पास उन्हीं चमकती आंखों से जाता था। उनमें से ज़्यादातर ने कभी मेरी तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। उस दिन मैंने खुद से वादा किया: अगर मैं कभी यहां पहुंचा, तो मैं उनके जैसा नहीं बनूंगा।” उन्होंने आखिर में लिखा, “इज्ज़त में कुछ नहीं लगता। हाथ मिलाने में कुछ नहीं लगता। कभी-कभी आप किसी को जो सबसे बड़ी चीज़ दे सकते हैं, वह पैसा नहीं होता। यह विश्वास होता है कि उनका सपना मुमकिन है। बड़े सपने देखो। तुम्हारी बारी आ रही है।”
इंटरनेट पर उनके इस अच्छे काम की तारीफ हो रही है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर कई तारीफ भरे कमेंट्स आए हैं, जिसमें देखने वालों ने कुमार की तारीफ की है कि उन्होंने अपनी साधारण शुरुआत को याद रखा और क्लीनर के साथ प्यार से पेश आए।
एक यूजर ने कहा, “मुझे अच्छा लगता है जब इंसान प्यार से बात करते हैं।”
एक और ने लिखा, “यही चीज़ एक आदमी को अमीर बनाती है… उसकी विनम्रता और दयालुता। बहुत सम्मान।”
एक व्यक्ति ने कहा, “इस दुनिया को बस इसी तरह के अमीरों की ज़रूरत है।”कैप्शन में बताई पूरी बात
कुमार ने कैप्शन में लिखा, “हर सुबह जब मैं जिम में अपनी कार पार्क करता हूं, तो मैं उसे देखता हूं। वही जगह, वही फ्लोर-क्लीनिंग मशीन, हर बार जब मेरी लैम्बो आती थी तो उसकी आंखों में वही भाव होता था।” “आज जब मैंने कार पार्क की तो वह मेरे ठीक बगल में आ गया। हमने हाथ मिलाया, गुड मॉर्निंग कहा। बाद में, मैंने उसे फिर से कार की तारीफ करते हुए देखा, और इस बार मैं उसके पास से गुज़र नहीं सका।” वे लिखते हैं कि, “सम्मान में कुछ खर्च नहीं होता, हाथ मिलाने में कुछ खर्च नहीं होता” उन्होंने आगे कहा, “मैंने उसे अपनी चाबियां दीं और जिस पल वह गाड़ी चला रहा था, मैंने कुछ ऐसा देखा जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। पक्का यकीन नहीं हुआ, फिर पक्का खुशी। जब कोई सपना जिसे आपने सिर्फ देखा था, अचानक वह आपके हाथ में आ जाता है, तो वह एहसास अलग होता है।”
बातचीत में मुश्किल दिनों की आई याद
कुमार ने बताया कि इस बातचीत ने उन्हें उनके मुश्किल दिनों की याद दिला दी। उन्होंने कहा, “उन्हें यह नहीं पता था कि मैं वही था। सालों पहले मैं ₹800 कमाने वाला एक सेल्समैन था, जो सुपरकार मालिकों के पास उन्हीं चमकती आंखों से जाता था। उनमें से ज़्यादातर ने कभी मेरी तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। उस दिन मैंने खुद से वादा किया: अगर मैं कभी यहां पहुंचा, तो मैं उनके जैसा नहीं बनूंगा।” उन्होंने आखिर में लिखा, “इज्ज़त में कुछ नहीं लगता। हाथ मिलाने में कुछ नहीं लगता। कभी-कभी आप किसी को जो सबसे बड़ी चीज़ दे सकते हैं, वह पैसा नहीं होता। यह विश्वास होता है कि उनका सपना मुमकिन है। बड़े सपने देखो। तुम्हारी बारी आ रही है।”
इंटरनेट पर उनके इस अच्छे काम की तारीफ हो रही है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
वीडियो पर कई तारीफ भरे कमेंट्स आए हैं, जिसमें देखने वालों ने कुमार की तारीफ की है कि उन्होंने अपनी साधारण शुरुआत को याद रखा और क्लीनर के साथ प्यार से पेश आए।
एक यूजर ने कहा, “मुझे अच्छा लगता है जब इंसान प्यार से बात करते हैं।”
एक और ने लिखा, “यही चीज़ एक आदमी को अमीर बनाती है… उसकी विनम्रता और दयालुता। बहुत सम्मान।”
एक व्यक्ति ने कहा, “इस दुनिया को बस इसी तरह के अमीरों की ज़रूरत है।”
