LIVE: मानसून सत्र के सिर्फ चार दिन बचे, आज लोकसभा में पेश होंगे 4 बिल, सदन में मौजूद रहेंगे अमित शाह
मानसून सत्र के अब केवल 4 दिन बचे हैं। सरकार आज लोकसभा में 4 बिल लेकर आ रही है। अब सरकार इन चार बिलों के जरिये मानसून सत्र के बचे हुए दिनों के काम का कोटा पूरा करना चाहती है। गृह मंत्री अमित शाह दो बिल पेश करेंगे।
मानसून सत्र के आखिरी चरण में अब संसद के अंदर कामकाज हो सकता है। आज सरकार लोकसभा में चार बिल पेश करने जा रही है। ये वो बिल हैं जो राज्यों की डिमांड से जुड़े हैं इसलिए उम्मीद की जा रही है कि आज विपक्ष संसद की कार्यवाही चलने देगा। आज जो चार बिल पेश होने जा रहे हैं उनमें केरल का नाम बदलकर केरलम करने का बिल है। ट्रिब्यूनल व्यवस्था में बदलाव की तैयारी का बिल है। अमित शाह आज सदन में मौजूद रहेंगे और खुद केरल बिल 2026 और सहकारी क्षेत्र से जुड़े कानून को बदलने का बिल पेश करेंगे।
इसके साथ ही चौथा बिल खनन को लेकर है जिसे अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में संशोधन के लिए बिल सदन में रखेंगे।
गतिरोध तोड़ेंगी विपक्षी पार्टियां?
मानसून सत्र के अब केवल 4 दिन बचे हैं। सरकार लगातार विपक्षी दलों के नेताओं से बात कर रही है। किरेन रिजिजू खुद राहुल गांधी से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। आज सदन में जो चार बिल लाए जा रहे हैं वो देश के कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को आधुनिक बनाने और राज्यों की मांगों को पूरा करने वाले हैं इसलिए विपक्षी पार्टियां इन बिलों का विरोध करने का जोखिम नहीं उठा सकतीं।
परिसीमन और FCRA बिल अभी लिस्ट में नहीं
गृहमंत्री अमित शाह ही राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम विधेयक को खुद पेश करेंगे। परिसीमन बिल आज की लिस्ट में नहीं है। परिसीमन के साथ साथ साथ FCRA बिल भी अभी लिस्ट में नहीं है। यही वो दो बिल हैं जिन पर सरकार सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन कई राउंड की मीटिंग के बाद भी बात नहीं बनी। अब आज सरकार बाकी बचे इन चार बिलों को पेश करेंगे।
लोकसभा में आज कौन-कौनसे बिल पेश होंगे?
सरकार आज लोकसभा में जो चार बिल लेकर आ रही है उनमें-
केरल (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2026 है। इस बिल में केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है। यह बदलाव केरल विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद लाया जा रहा है।
दूसरा है ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक। ये बिल देश की ट्रिब्यूनल सिस्टम में बड़े प्रशासनिक बदलाव और सुधार करने का प्रस्ताव करने वाला है।
तीसरा बिल है राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम विधेयक। इस बिल में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और इसमें पारदर्शिता लाने के लिए सुधार करने के उपाय हैं।
चौथा बिल है खान और खनिज संशोधन विधेयक बिल। ये बिल खनन यानि Mining Sector के नियमों को मॉडर्न बनाने और बड़े बदलावों से जुड़े प्रस्तावों वाला है।
