14 June, 2026 (Sunday)

गफ्फार मार्केट में बड़ा खेल! चोरी के फोन का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने वाले हुए गिरफ्तार, चीनी सॉफ्टवेयर टूल जब्त

दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में चीनी सॉफ्टवेयर टूल से चोरी के फोन अनलॉक करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 45 स्मार्टफोन और चीनी टूल बरामद किया। पढ़ें पूरी खबर।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने करोल बाग के गफ्फार मार्केट में चल रहे चोरी के फोन से जुड़े अवैध मोबाइल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के द्वारा अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके चोरी के मोबाइल फोन्स को अनलॉक करने और फिर उन्हें ग्रे मार्केट में बेचने के आरोप में दो मोबाइल सॉफ्टवेयर टेक्नीशियनों की गिरफ्तारी की है।

आरोपियों की पहचान मोहम्मद जलाल (29), निवासी लोनी (गाजियाबाद) और इमरान (27), निवासी राजपुर खुर्द एक्सटेंशन (दिल्ली) के रूप में हुई है। ये दोनों मिलकर गफ्फार मार्केट में ‘KGN सॉफ्टवेयर एंड मोबाइल रिपेयरिंग इंसटीट्यूट’ नाम से एक दुकान और ट्रेनिंग सेंटर चलाते थे और इस इंस्टीट्यूट की आड़ में ही गैर-कानूनी कार्यों को भी ये अंजाम दे रहे थे।

चीनी सॉफ्टवेयर की मदद से तोड़ते थे सिक्योरिटी
जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम ने रिपयरिंग सेंटर पर अचानक से छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने दुकान से 45 चालू हालत के एंड्रॉयड स्मार्टफोन, 22 मोबाइल फोन (बॉडी पार्ट्स), एक लपटॉप और चीन में बना एक विशेष प्रकार का AMP टूल बरामद किया। पुलिस के अनुसार, चीनी डिवाइस और कुछ खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मोबाइल फोन के ‘फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन’ और अन्य कड़े सिक्योरिटी फीचर्स को तोड़ने में किया जाता था। पुलिस की छापेमारी के बाद आरोपी फोन्स के मालिकाना हक का कोई भी कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए थे।

आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस की पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकारा कि वे संदिग्ध डीलरों और झपटमारों से बेहद कम दाम पर चोरी किए गए फोन्स खरीदते थे। फिर आईएमईआई (IMEI) नंबर को बदलने के लिए और सिक्योरिटी सेटिंग्स को री-सेट करने के लिए सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल आरोपी करते थे, ताकि पुलिस या डिवाइस का मालिक इन्हें कभी भी ट्रैक न कर पाए। पुलिस की जांच में मिले 45 फोन्स में से 7 दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कई थानों (जैसे न्यू अशोक नगर, मंडावली, गाजीपुर, मधु विहार, पानीपत, मुजफ्फरनगर) में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं।

तफ्तीश जारी
पुलिस ने जो फोन्स बरामद किए हैं उनका IMEI एनालिसिस करने के बाद इनके मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रिकवरी के बाद दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में दर्ज मोबाइल चोरी की दर्जनों शिकायतों को सुलझाने में मदद मिलेगी। फिलहाल इस सिंडिकेट में शामिल सप्लायरों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में पुलिस लगी है।

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