23 July, 2026 (Thursday)

दिल्ली-एनसीआर में हृदय जांचों में 30% से अधिक की वृद्धि, हार्ट अटैक से बढ़ी चिंता, युवा हुए जागरूक

दिल्ली-एनसीआर में हृदय संबंधी जांचों की मांग में इस वर्ष व्यापक वृद्धि देखी गई है. जनवरी से अगस्त 2025 के बीच की गई महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की रिपोर्ट में एक चौंका देने वाला खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में टीएमटी टेस्ट की संख्या में 34.6 प्रतिशत और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की संख्या में 30.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

दिल्ली-एनसीआर में हृदय संबंधी जांचों की मांग में इस वर्ष वृद्धि देखी गई है. एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) जैसे हृदय जांच विकल्पों को अपनाने वाले लोगों की संख्या में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह रुझान इस बात का संकेत है कि लोग अब हृदय रोगों का शीघ्र पता लगाने के प्रति अधिक सतर्क और सजग हो रहे हैं

जनवरी से अगस्त 2025 के बीच की गई महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में टीएमटी टेस्ट की संख्या में 34.6 प्रतिशत और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी की संख्या में 30.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, इकोकार्डियोग्राफी जैसे परीक्षणों की संख्या में भी करीब 10 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है.

युवाओं में बढ़ी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता

महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के मुख्य परिचालन अधिकारी कबीर महाजन ने बताया कि यह बदलाव विशेष रूप से 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग में अधिक देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, हम देख रहे हैं कि लोग अब बीमार होने का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि समय रहते जांच करवा रहे हैं. टीएमटी और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसे निवारक परीक्षण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. उन्होंने इसे मानसिकता में आए बदलाव का संकेत बताया, जिसमें अब इलाज से पहले पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है.

अचानक हार्ट अटैक के मामलों से बढ़ी सतर्कता

लैब के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. हर्ष महाजन के अनुसार, हाल के वर्षों में युवाओं में अचानक होने वाली हृदय संबंधी मौतों को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से हृदय जांच करवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और समय से पहले हृदय रोग पकड़ने की प्रवृत्ति आने वाले समय में बीमारियों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है.

सीटी एंजियोग्राफी को मिल रही प्राथमिकता

रिपोर्ट में बताया गया है कि लोग अब सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी को एक सुरक्षित और कम विकिरण वाली प्रक्रिया मानकर प्राथमिकता दे रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तकनीक बिना इनवेसिव तरीके से हृदय की स्थिति जानने का कारगर जरिया बनती जा रही है.

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