21 October, 2026 (Wednesday)

दिल्ली-एनसीआर में सुबह में छायी धुंध, कुछ राज्यों में बारिश की चेतावनी, जानिए कैसा रहेगा मौसम

देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। मैदानी इलाकों में तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। वहीं, कल यानी 18 फरवरी से कुछ पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमालयी क्षेत्र में 18 से 21 फरवरी के बीच बारिश या बर्फबारी की संभावना है। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में सुबह के वक्त धुंध छायी रही और हवा में ठंडापन महसूस किया गया। वहीं, बिहार-यूपी, राजस्थान-मध्य प्रदेेश में भी तापमान तेजी से बदल रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह छाई रही धुंध

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज यानी 17 फरवरी को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहने की संभावा है. अगले दो-तीन दिनों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है। वहीं, 19 और 20 फरवरी को दिल्ली में हल्के बादल छाए रहेंगे और सुबह कुहासा छाया रह सकता है।

इन राज्यों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक 18 तारीख को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। बारिश और बर्फबारी हल्की से मध्यम होगी और छिटपुट इलाकों में ही होगी। वहीं 19 से 21 फरवरी के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। 19 से 21 फरवरी के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी हल्की बारिश की संभावना है और इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी हल्की से छिटपुट बारिश की बहुत संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में मौसम में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है।

एक मार्च तक जानिए कैसा रहेगा मौसम

वहीं दूसरे सप्ताह 23 फरवरी से 01 मार्च के दौरान किसी भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना नहीं है। पूर्वोत्तर को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में कोई महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि की संभावना नहीं है। पूर्वी भारत से सटे इलाकों में इस दौरान हल्की, मध्यम से छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। कुल मिलाकर, देश के सभी क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधि सामान्य से कम रहने की संभावना है।

उत्तर पश्चिमी भारत के मैदान और मध्य और पूर्वी भारत से सटे मैदानी इलाकों में  और पूर्व के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। भारत और उत्तर पश्चिम और मध्य भारत और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान के 2 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है। सप्ताह के दौरान देश के किसी भी हिस्से में शीतलहर की स्थिति नहीं रहने की संभावना है।

फरवरी में ही तापमान पहुंचा 30 डिग्री

फरवरी के आंकड़ों से पता चलता है कि इस बार, पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में दिन का तापमान सामान्य से लगभग 4-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि इस सीजन में फरवरी में अधिकतम तापमान तीन मौकों पर 30 डिग्री सेल्सियस के निशान को छूने के कगार पर रहा। 6 फरवरी को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, 9 फरवरी को 29.4 डिग्री सेल्सियस और 10 फरवरी को 29.7 डिग्री सेल्सियस था।

मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में इस साल फरवरी के पहले सप्ताह के दौरान ही तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, अन्य हिस्सों में फरवरी के अंत तक ऐसा ही होने की उम्मीद है। रिकॉर्ड बताते हैं कि फरवरी में हाल के दिनों में इतना ज्यादा तापमान दर्ज किया गया है। साल 2021 में, 23 से 27 फरवरी के बीच 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया था, जिसमें अधिकतम तापमान 25 फरवरी को 33.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2018 में भी पांच बार पारा 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चढ़ा था।

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