08 June, 2026 (Monday)

ओमिक्रोन वैरिएंट में हुआ बदलाव तो कम कर सकता है वैक्सीन का प्रभाव : केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि मौजूदा वैक्सीन कोविड के ओमिक्रोन वैरिएंट के खिलाफ काम नहीं करेंगी। हालांकि, वायरस के स्पाइक जीन में हुए कुछ बदलावों के कारण इसका असर कम हो सकता है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लिखित जवाब में कहा, ‘आंकड़ों की उपलब्धता सीमित है और फिलहाल ओमिक्रोन पर वैक्सीन के असर को लेकर कोई समीक्षा भी नहीं की गई है।’

कहा, मौजूदा वैक्सीन के कोविड के नए वैरिएंट के खिलाफ काम न करने का कोई प्रमाण नहीं

मांडविया ने कहा, ‘वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा एंटीबाडी व सेलुलर इम्युनिटी के जरिये भी होती है और उम्मीद है कि वह अपेक्षाकृत बेहतर रहेगी। इसलिए, अपेक्षा की जा रही है कि वैक्सीन अब भी गंभीर बीमारी से बचाव करेगी। ऐसे में कोविड वैक्सीन लगवाना अहम हो जाता है।’एक अन्य सवाल के जवाब में मांडविया ने बताया कि 16 दिसंबर तक देश में कोविड के एवाई 4.2 वैरिएंट (डेल्टा प्लस) के कम से कम 64 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने सदन को बताया कि कोविन पोर्टल पर पंजीकृत 1.05 करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों में से 96.29 लाख को 17 दिसंबर तक पूर्ण टीकाकृत किया जा चुका है।

94 देशों व यूएन की दो संस्थाओं को दी गई कोविड वैक्सीन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 15 दिसंबर तक 94 देशों और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की दो संस्थाओं को कोविड वैक्सीन की 9.83 करोड़ खुराक की आपूर्ति की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ये खुराक अनुदान, व्यावसायिक निर्यात या कोवैक्स के माध्यम से वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत प्रदान की गई हैं।

बच्चों के टीकाकरण पर चल रहा विमर्श

भारती पवार ने बताया कि कोविड टीकाकरण संबंधी विशेषज्ञों के समूह एनईजीवीएसी और नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप आन इम्युनाइजेशन (एनटीएजीआइ) बच्चों के टीकाकरण संबंधी उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों पर विमर्श और विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीकाकरण के संबंध में एडवाइजरी जारी कर रही है।

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