23 October, 2026 (Friday)

जामिया यूनिवर्सिटी में दीवारों पर लिखे गए विवादित स्लोगन, कश्मीर और शरजील इमाम को ‘फ्री’ करने की मांग

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। इन नारों में कश्मीर और शरजील इमाम को ‘फ्री’ करने की मांग की गई है।
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दीवारों पर विवादित और आपत्तिजनक नारों को लिखे जाने की बात सामने आई है। यूनिवर्सिटी में कश्मीर और शरजील इमाम को ‘फ्री’ करने के नारे लिखे गए हैं। इसके साथ ही आरएसएस, एबीवीपी और वीसी के खिलाफ भी नारे लिखे गए हैं। दीवारों पर लिखे गए इन नारों के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इन नारों को लेकर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया इस पर सामने नहीं आई है।
जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्र
आपको बता दें कि बीते 12 अक्टूबर से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र, छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल और धरना कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में छात्र संघ को 2006 में भंग कर दिया गया था। छात्रों की मांग है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम जारी किया जाए। हाल ही में जामिया प्रशासन द्वारा इस मामले में एक समिति का गठन किया गया था।

UAPA के तहत गिरफ्तार हुआ था शरजील इमाम
आपको बता दें कि शरजील इमाम को दिल्ली में साल 2020 के फरवरी महीने में हुए दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली में हुए इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। दंगों की शुरुआत उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के साथ हुई थी। आपको बता दें कि इससे पहले JNU में भी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में प्रदर्शन का मामला सामने आया था।

शरजील इमाम पर क्या आरोप हैं?
PTI के मुताबिक, शरजील इमाम को इस मामले में 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था। उसपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक इमाम ने 13 दिसंबर 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में और 16 दिसंबर 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए भाषणों में कथित तौर पर असम और बाकी पूर्वोत्तर को भारत से ‘‘अलग करने’’की धमकी दी थी। आपको बता दें कि हाल ही में कोर्ट ने शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए चार से 10 अक्टूबर तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed