18 October, 2026 (Sunday)

‘वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया’, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राहुल का X पर पोस्ट

राहुल गांधी बेहद नाराज हैं और वे शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उनकी नाराजगी उनके पोस्ट में भी झलक रही है। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो सब कहूंगा जो मुझे सदन में नहीं कहने दिया गया।
नई दिल्ली: लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी भाषण दे रहे थे, तब जमकर हंगामा हुआ। वे अपना भाषण पूरा नहीं कर पाए। अब वे शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।

मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया-राहुल
राहुल गांधी की नाराजगी उनके पोस्ट में साफ झलक रही है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया-“आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया – गृह मंत्री अमित शाह। मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया। आज शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।” अंत में उन्होंने लिखा-“माइक बंद कर सकते हैं,छात्रों की गूंज नहीं
गृह मंत्री का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण दौरान छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए गृह मंत्री शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बताएं कि किस आधार पर उन्होंने देश के एक जिम्मेदार व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है या फिर वह माफी मांगें। वहीं इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना किसी तथ्य, जांच और साक्ष्य के किसी के ऊपर आरोप नहीं लगा सकते।

शिक्षा व्यवस्था की आत्मा पर बीजेपी के वैचारिक संगठन का कब्जा
इस बीच सदन में काफी हंगामा होने लगा। लोकसभा स्पीकर ने बैठक एक बजकर 53 मिनट पर अपराह्न दो बजकर 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी। राहुल गांधी ने चर्चा में भाग लेने के दौरान आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था की आत्मा पर बीजेपी के वैचारिक संगठन ने कब्जा कर लिया है और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तो सिर्फ एक प्रतीक मात्र थे। उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी बच्चों के माता-पिता में साहस नहीं है कि वो बीजेपी और उसके वैचारिक संगठन का मुकाबला करें, लेकिन ये बच्चे सामने खड़े हो गए।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों ने डर को बाहर निकालकर चुनौती दी और खुलकर सवाल किया। उन्होंने सदन में गृह मंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर दावा किया कि ‘तथाकथित गृह मंत्री’ को हिम्मत नहीं है कि वह सदन में आ सकें। राहुल ने आरोप लगाया कि ”गृह मंत्री सदन में नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं।” इसके बाद उन्होंने छात्रों पर बलप्रयोग का जिक्र करते हुए गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखा विरोध किया और कहा कि राहुल गांधी ने गलत बयान दिया और उन्होंने अपने विशेषाधिकार का हनन करते हुए बयान दिया जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

राहुल गांधी ने बोलने से इनकार कर दिया, सीट पर बैठ गए
भाषण की शुरुआत में भी राहुल गांधी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्होंने एक छात्रा का नाम लेकर जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह असंसदीय शब्द है और उसे कार्यवाही से हटा देना चाहिए। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसद की मर्यादा के साथ बिल पर बोलना चाहिए। सत्तापक्ष की टोकाटोकी के बीच राहुल गांधी ने बोलने से इनकार कर दिया और अपनी सीट पर बैठ गए। इसके बाद रिजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने एक असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने कहा कि ”हम उन्हें सुनने को तैयार हैं और वह अपनी बात रखें।” उन्होंने कहा, ”आप भावुक चेहरा दिखाकर सदन को गुमराह नहीं कर सकते।” इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने भाषण जारी रखा। हालांकि दोनों पक्षों में नोकझोंक की स्थिति बनी रही।

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