“दिल्ली मेट्रो लाइन के पास पतंग ना उड़ाएं, ये जानलेवा हो सकता है”, DMRC ने की जनता से अपील, जानें वजह
दिल्ली मेट्रो ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके जनता से ये अपील की है कि मेट्रो लाइन के पास पतंगबाजी ना करें। ये जानलेवा साबित हो सकता है और दिल्ली मेट्रो की सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के आस-पास पतंगबाजी एक आम बात है। लोग इस मौके पर अपनी छतों या खुले मैदानों में पतंग उड़ाते हैं। ऐसे में कई बार पतंग या उसकी डोर दिल्ली मेट्रो के लिए मुसीबत बन सकती है। यही वजह है कि दिल्ली मेट्रो ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके जनता से ये अपील की है कि वे दिल्ली मेट्रो लाइन के आस-पास पतंग ना उड़ाएं, ये जानलेवा साबित हो सकता है और मेट्रो सेवाओं को बाधित कर सकता है।
दिल्ली मेट्रो ने अपने पोस्ट में क्या कहा?
दिल्ली मेट्रो ने बताया कि दिल्ली-NCR में पतंग उड़ाना एक लोकप्रिय परंपरा है और स्वतंत्रता दिवस के आसपास लोग खूब पतंग उड़ाते हैं लेकिन दिल्ली मेट्रो मुख्य रूप से एलिवेटेड है। ऐसे में ट्रेनों को बिजली देने के लिए 25,000 वोल्ट वाले ‘ओवरहेड इक्विपमेंट’ (OHE) तार लगे होते हैं।
दिल्ली मेट्रो के मुताबिक, अगर पतंग या डोर OHE तारों में उलझी तो मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इसके अलावा OHE या पैंटोग्राफ को नुकसान पहुंच सकता है। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि धातु वाले मांझे से पतंग उड़ाने वालों के लिए ये जानलेवा भी साबित हो सकती है।
ऐसी घटनाएं ना हों, इसलिए दिल्ली मेट्रो ने आम जनता से अपील की है कि वह रिहायशी इलाकों से गुजरने वाली एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आस-पास अपनी सुरक्षा के लिए पतंग न उड़ाएं। ऐसा करने पर 25,000 वोल्ट की OHE (ओवरहेड इक्विपमेंट) के सीधे या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से जान जा सकती है, साथ ही OHE ट्रिप हो सकती है या मेट्रो ट्रेन/पेंटोग्राफ को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे मेट्रो सेवा में रुकावट आ सकती है।
कहां करें पतंगबाजी?
दिल्ली मेट्रो ने जनता को सलाह दी है कि वे मेट्रो लाइनों से दूर खुली जगह पर पतंग उड़ाएं।
DMRC के पास ऐसी रुकावटों से निपटने के लिए एक मज़बूत सिस्टम भी है। इसके तहत, पतंगबाजी वाले इलाकों के पास खास टीमें तैनात की जाती हैं जो पतंग की डोर दिखने पर उसे तुरंत हटा देती हैं। साथ ही, ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन स्टाफ को भी इन दिनों पतंग की डोर पर नजर रखने और ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क काफी बड़ा है। मार्च 2016 में ही PM मोदी ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया था।
