16 October, 2026 (Friday)

‘सच नहीं बदलेगा’, तनुश्री दत्ता को नाना पाटेकर के बेटे मल्हार का करारा जवाब, परिवार पर उठी उंगली तो बोले- कोर्ट में सब साफ हो चुका है

नाना पाटेकर के निधन के बाद बेटे मल्हार ने तनुश्री दत्ता के आरोपों, माता-पिता के रिश्ते और पिता के आखिरी दिनों पर बात की। उन्होंने कहा कि नाना कभी अकेले नहीं थे और सामाजिक कार्यों से खुश रहते थे।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका परिवार इस मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इसी बीच उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता के जाने के बाद परिवार की जिंदगी और उनसे जुड़े विवादों पर खुलकर बात की है। मल्हार ने एक इंटरव्यू में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के पुराने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस मामले को लेकर बार-बार बातें की जा रही हैं, वह पहले ही खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके माता-पिता के रिश्ते और नाना पाटेकर के आखिरी दिनों को लेकर फैल रही कई बातें सही नहीं हैं। मल्हार ने बताया कि उनके पिता आखिरी समय में अकेले नहीं थे और परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके साथ मौजूद रहता था। उन्होंने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों और फिल्मों को लेकर उनके नजरिये के बारे में भी कई बातें साझा कीं।
तनुश्री दत्ता के आरोपों पर मल्हार पाटेकर ने क्या कहा?
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में मल्हार पाटेकर ने तनुश्री दत्ता का नाम लिए बिना उनसे जुड़े विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस मामले को बेवजह दोबारा चर्चा में लाया जा रहा है, वह पहले ही समाप्त हो चुका है। मल्हार के मुताबिक मामला न्यायिक प्रक्रिया से गुजर चुका है और अब इस पर बार-बार चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। सच वही रहेगा, जो सच है। भगवान उनका भला करे।’ मल्हार के इस बयान को नाना पाटेकर से जुड़े पुराने विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि साल 2018 में तनुश्री दत्ता ने फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर और अन्य लोगों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद भारत में #MeToo आंदोलन के दौरान उन्होंने इस मामले को फिर से उठाया था। नाना पाटेकर के 8 अक्टूबर को निधन के बाद तनुश्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने अभिनेता के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह उनके साथ हुई कथित घटना और उस दौरान महसूस किए गए व्यवहार को कभी नहीं भूल सकतीं।
माता-पिता के रिश्ते को लेकर उड़ रही अफवाहों पर भी दिया जवाब
मल्हार पाटेकर ने अपने माता-पिता नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के रिश्ते को लेकर सामने आ रही खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई बातें गलत हैं। सिर्फ इसलिए कि उनका परिवार इंस्टाग्राम पर साथ में तस्वीरें साझा नहीं करता, इसका मतलब यह नहीं है कि उनके बीच आपसी जुड़ाव नहीं है। मल्हार ने बताया कि वह प्यार करने वाले परिवार में बड़े हुए हैं और उनके माता-पिता ने उन्हें शानदार बचपन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनके माता-पिता के रिश्ते में समय के साथ बदलाव आए हों, लेकिन दोनों के बीच सम्मान बना रहा। उनके मुताबिक उनके माता-पिता का करीब 38-39 साल का साथ रहा है और किसी परिवार की वास्तविक स्थिति को बाहर से देखकर पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। मल्हार की इस प्रतिक्रिया का मकसद उन अटकलों को स्पष्ट करना था, जिनमें नाना और नीलकांति के रिश्ते को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे।

आखिरी दिनों में अकेले नहीं थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर के निधन के बाद यह चर्चा भी हुई कि क्या अभिनेता अपने आखिरी दिनों में अकेले थे या उनकी तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी। मल्हार ने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पिता कभी अकेले नहीं थे। परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके साथ रहता था और सभी लोग उनका ध्यान रखते थे। मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर आखिरी दिनों तक काफी सक्रिय थे। वह नियमित रूप से जिम जाते थे और करीब ढाई घंटे तक कसरत करते थे। मल्हार के मुताबिक उनकी फिटनेस ऐसी थी कि कई युवा भी उतनी देर तक व्यायाम नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि परिवार ने कभी अपने पिता का साथ नहीं छोड़ा और उनके स्वास्थ्य को लेकर फैल रही अटकलें सही तस्वीर पेश नहीं करतीं।

सामाजिक कार्यों से मिलती थी नाना पाटेकर को खुशी
मल्हार ने अपने पिता के जीवन के उस पहलू पर भी बात की, जो फिल्मों से अलग था। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर के लिए सामाजिक कार्यों का महत्व लगातार बढ़ता गया था। वह किसानों की मदद और कश्मीर में स्कूलों की स्थापना जैसे कामों से जुड़े हुए थे। मल्हार के अनुसार इन गतिविधियों से उनके पिता को मानसिक शांति और खुशी मिलती थी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में सामाजिक कार्य नाना के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए थे। मल्हार ने यह भी बताया कि पिता के जाने के बाद इन कार्यों को आगे बढ़ाना अब उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

फिल्मों में दोहराव से बचना चाहते थे नाना
मल्हार के मुताबिक नाना पाटेकर एक जैसे किरदार करते रहने के बजाय कुछ नया करना चाहते थे। वह अपनी कहानियां बनाने और एक अभिनेता के तौर पर लगातार विकसित होने में विश्वास रखते थे। मल्हार ने बताया कि उनके पिता अक्सर कहते थे कि काम एक जैसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ का उदाहरण देते हुए बताया कि नाना इस फिल्म के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का एक अलग रूप दिखाना चाहते थे। पांच दशक से अधिक के करियर में ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘वेलकम’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया। 8 अक्टूबर को गोवा में सीने में दर्द की शिकायत के बाद नाना पाटेकर का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। बाद में पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक अनुभवी अभिनेता को खो दिया, जबकि परिवार अब उनकी यादों और सामाजिक कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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