01 October, 2026 (Thursday)

साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग में 218 पदों पर भर्ती रही बेनतीजा, BPSC को नहीं मिले योग्य अभ्यर्थी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष (HOD) के 218 पदों पर निकाली गई भर्ती प्रक्रिया बेनतीजा साबित हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार को कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 218 पदों की रिक्तियों के लिए पिछले साल जारी विज्ञापनों के जवाब में उसे एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। BPSC ने एक बयान में कहा कि विभाग विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थानों में हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट सहित फ़ैकल्टी मेंबर्स की नियुक्ति करना चाहता था। इस बात ने BPSC को परेशान कर दिया है, जो आम तौर पर बहुत बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करता है। यह सब ऐसे राज्य में हो रहा है जहां आबादी का घनत्व देश में सबसे ज़्यादा है और सरकारी नौकरियों का क्रेज़ अभी भी बना हुआ है।
BPSC को नहीं मिले एक भी अभ्यर्थी

BPSC ने एक ‘ज़रूरी सूचना’ में कहा है, “इसके ज़रिए सूचित किया जाता है कि BPSC ने 26 अगस्त, 2025 को बिहार के विज्ञान, टेक्नोलॉजी और तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सरकारी पॉलिटेक्निक और सरकारी महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में अलग-अलग विभागों/विषयों में ‘हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट’ (HOD) के कुल 218 खाली पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए थे।” इन विज्ञापनों में से नौ के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इसे देखते हुए, नोटिस के अनुसार ऊपर बताए गए विज्ञापनों के लिए नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए। हालांकि, उसके बाद भी इन सभी विज्ञापनों के लिए मिले आवेदनों की संख्या शून्य ही रही।

आयोग ने कहा कि चूंकि इन विज्ञापनों के संबंध में आयोग के स्तर पर आगे कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं थी, इसलिए संबंधित मांग-पत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को वापस भेज दिए गए हैं। 16 विषयों में ‘हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट’ के 218 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए, जिनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग (33), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (43), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (42), सिविल इंजीनियरिंग (45) और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (39) शामिल हैं।

अतिरिक्त सचिव ने कही ये बात
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव अहमद महमूद ने PTI को बताया, “विभाग को इस संबंध में BPSC से सूचना मिली है। अगली कार्रवाई तय करने से पहले हम इसकी समीक्षा करेंगे।

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