10 October, 2026 (Saturday)

नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा को चढ़ाएं इन चीजों का प्रसाद, घर में आएगी सुख-समृद्धि, नोट कर लें 9 दिनों की पूरी भोग लिस्ट

11 अक्टूबर से मां दुर्गा का आगमन हो रहा है। नवरात्रि के 9 दिनों तक माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही मां दुर्गा को हर दिन अलग-अलग चीजों का प्रसाद अर्पित किया जाता है। तो यहां देखिए लें 9 दिनों की पूरी भोग लिस्ट।
हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्यौहार प्रमुख पर्वों में से एक माना जाता है। माता भगवती की उपासना के लिए यह समय अति ही उत्तम माना जाता है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो रही है। नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। इसके अलावा नवरात्रि में व्रत करने का भी विधान है। नवरात्रि में 9 दिनों तक माता रानी को अलग-अलग भोग अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से देवी मां की खास कृपा प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं कि शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों को क्यों भाग चढ़ाना चाहिए।
नवरात्रि के 9 दिनों की संपूर्ण भोग लिस्ट
नवरात्रि का पहला दिन

नवरात्रि का पहला दिन माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित है। इस दिन देवी मां को दूध और शुद्ध घी से बनी सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

नवरात्रि का दूसरा दिन

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस देवी माता रानी को चीनी या गुड़ का भोग अर्पित करें। ये चीजें अर्पित करने से देवी ब्रह्मचारिणी की कृपा से घर में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है।

नवरात्रि का तीसरा दिन

नवरात्रि का तीसरा दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। इस दिन देवी चंद्रघंटा को दूध या मेवा से बनी चीजों का भोग लगाएं।

नवरात्रि का चौथा दिन

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन माता कूष्मांडा को मालपुआ का प्रसाद चढ़ाएं।

नवरात्रि का पांचवां दिन

नवरात्रि का पांचवां दिन देवी स्कंदमाता को समर्पित है। इस दिन देवी मां को केला का भोग लगाएं।

नवरात्रि का छठा दिन (षष्ठी पूजा)

नवरात्रि का छठा दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन इस दिन बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा के अंतर्गत ‘बिल्व निमंत्रण’ (बेल के पेड़ की पूजा और मां का आह्वान) भी किया जाता है। नवरात्रि षष्ठी पूजा के दिन मां कात्यायनी की उपासना की जाती है। इस दिन मां कात्यायनी शहद या मीठा पान अर्पित करें।

नवरात्रि का सातवां दिन- मां कालरात्रि

नवरात्रि का सातवां मां कालरात्रि की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन देवी कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना शुभ और फलदायी माना जाता है।

नवरात्रि का आठवां दिन

नवरात्रि के आठवें दिन मां गौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। अष्टमी पूजा के दिन कन्या पूजन का भी विधान है। ऐसे में इस दिन मां गौरी को हलवा, खीर-पूड़ी और नारियल का भोग लगाएं।

नवरात्रि का नौवां दिन

नवरात्रि के नौवें दिन को नवमी पूजा के नाम से जाना जाता है। यह दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को चना और हलवे का भोग लगाएं। इस दिन भी कन्या पूजन किया जाता है।

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