कुछ घंटों की बारिश में डूबा कानपुर, नगर निगम के दावों की खुली पोल, सड़कें बनीं तालाब
यूपी में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मानसून आने से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं जगह जगह जलभराव से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। ऐसे में बारिश ने कानपुर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया है। इस दौरान TET परीक्षा के दूसरे दिन इम्तिहान देने आए हजारों परीक्षार्थियों को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। पहली ही तेज बारिश में नगर निगम के जल निकासी और नाला सफाई के दावे पूरी तरह ध्वस्त नजर आए। नगर निगम के दावों की पूरी तरह से पोल खुल गई।
थम गई कानपुर की रफ्तार, पैदल चलना भी हुआ मुहाल
इस दौरान शहर के साकेत नगर, बर्रा, नौबस्ता, गोविंद नगर, फजलगंज, रावतपुर, मरियमपुर समेत कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई और कई जगह लंबा जाम लग गया। दोपहिया वाहन पानी में बंद होते दिखे तो पैदल निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। TET परीक्षार्थियों के साथ साथ ही दफ्तर, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए घरों से निकले लोगों को घंटों जाम और जलभराव से जूझना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरे सिस्टम की हकीकत सामने आ जाती है।
बारिश से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत
बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में जलभराव की समस्या आखिर क्यों खत्म नहीं हो रही है। नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था पर नगर निगम के दावों की सच्चाई सड़कों पर भरे पानी ने उजागर कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है, लेकिन जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों को राहत के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में और होगी समस्या
यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही और नगर निगम ने तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए तो शहर में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
