02 October, 2026 (Friday)

‘काम पर जाते देखा, ताबूत में लौटे’, निमरत कौर का पिता की शहादत पर छलका दर्द, नकली सैनिक बन आतंकियों ने किया था किडनैप

निमरत कौर ने अपने पिता मेजर भूपेंद्र सिंह को याद करते हुए बताया कि कैसे 1994 में कश्मीर में आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। सेना की वर्दी पहने कुछ आतंकवादियों ने उनके पिता को अगवा कर लिया और फिर वह ताबूत में लौटे। इस दौरान निमरत मात्र 11 साल की थीं।
निमरत कौर के पिता मेजर भूपेंद्र सिंह 32 की साल पहले कश्मीर में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। जब निमरत कौर के पिता की आतंकवादियों ने हत्या की, वह मात्र 11 साल की थीं। हाल ही में अभिनेत्री ने इस दुखद घटना को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता को सुबह काम पर जाते देखा, और फिर 7 दिन बाद ताबूत में उन्हें वापस लाया गया। 1994 में निमरत के पिता का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था और फिर उनकी हत्या कर दी, जिसके बाद उनके परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। इसके बाद उनकी मां ने उनकी और उनकी बहन की परवरिश की और जिंदगी को फिर से पटरी पर लेकर आईं।
भारतीय सेना के अफसर थे मेजर भूपेंद्र सिंह
निमरत कौर के पिता मेजर भूपेंद्र सिंह भारतीय सेना के एक अफसर थे, जिनकी पोस्टिंग कश्मीर में थी। 1994 की बात है, जब निमरत कौर के पिता का ड्यूटी से लौटते समय अपहरण कर लिया गया और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। मरणोपरांत मेजर भूपेंद्र सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

‘मैंने अपने पिता को काम पर जाते देखा, फिर उन्हें ताबूत में देखा’
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए निमरत कौर ने अपने पिता की आखिरी झलक के बारे में बात की। निमरत ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार अपने पिता को ड्यूटी पर जाते देखा था, जिसके बाद वह ताबूत में लौटे। निमरत कहती हैं, ‘उस सुबह मैंने अपने पिता को ड्यूटी पर जाते हुए देखा था। मुझे बस वही पल याद है, उसके बाद जब मैंने उन्हें देखा तो वह ताबूत में थे। मेरे परिवार को कभी कोई ‘क्लोजर’ (मन को तसल्ली देने वाला अंत) नहीं मिल पाया। इतने साल बीत जाने के बाद भी ये बहुत अजीब एहसास है। कुछ दशक बीत चुके हैं, लेकिन कोई भी ऐसी चीज नहीं है, जो उस कमी को पूरा कर सके। न मेरे लिए, न मेरी मां के लिए, न बहन और न ही परिवार के लिए।’
सैनिक की वर्दी पहनकर आए थे आतंकी
निमरत कौर ने बताया कि उनके पिता का अपहरण उस वक्त हुआ था, जब वह ड्यूटी से लौट रहे थे और जिन लोगों ने उन्हें किडनैप किया, वह सेना की वर्दी में थे। उन्होंने कहा- ‘वो भी एक आम सा ही दिन था, जब उनका अपहरण हुआ था। वह ड्यूटी से वापस लौट रहे थे और इसी दौरान कुछ लोग सेना की वर्दी पहनकर आए और उनका अपहरण कर लिया। अगले सात दिन तक अपहरणकर्ता कई तरह की मांगें रखते रहे, जिनमें भारत में कैद उनके लोगों की रिहाई की मांग शामिल थी। उन्होंने भारत में बंधक बनाए गए दूसरे लोगों को रिहा करने और सात दिनों के भीतर कुछ और मांगें रखीं।’

कश्मीर में था निरत का परिवार
निमरत बताती हैं कि उन दिनों उनका परिवार कश्मीर में था, लेकिन जब हालात असुरक्षित हो गए तो उन्हें श्रीनगर ले जाया गया। सातवें दिन परिवार को खबर मिली कि भूपेंद्र सिंह नहीं रहे। जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को पता चला कि बंधक बनाए जाने के दौरान उन्होंने अपने परिवार के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था- ‘मेरा एक परिवार है, दो बेटियां हैं।’ मेजर भूपेंद्र सिंह की मौत के बाद निमरत, उनकी मां और बहन नोएडा शिफ्ट हो गईं, जहां उनके नाना-नानी रहते थे।

निमरत कौर का वर्क फ्रंट
काम की बात करें तो निमरत कौर अब ‘सेक्शन 84’ में नजर आएंगी। ये एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें निमरत कौर के साथ अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई है और इसके इसी साल रिलीज होने की संभावना है। इसके अलावा वह एक अनटाइटल्ड डिटेक्टिव कॉमेडी फिल्म में भी नजर आ सकती हैं, जिसमें उनके साथ सनी कौशल और मेधा शंकर मुख्य भूमिका में हैं। पिछले दिनों निमरत एक और वजह से चर्चा में थीं। एक्ट्रेस कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर वृंदावन के बांके बिहारी के दर्शन के लिए गई थीं, जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की थीं।

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