आज अमावस्या और सूर्य ग्रहण एकसाथ,शाम को पितरों के लिए करें ये उपाय, धन से जुड़ी अड़चनें होंगी दूर!
12 अगस्त को श्रावण अमावस्या और सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। साल का यह दूसरा सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ हिस्सों में लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। वहीं, हरियाली अमावस्या पर पितरों के निमित्त किए गए कुछ उपाय करना शुभ माना जाता है, जो धन की अड़चनें भी दूर कर सकते हैं। यहां जानिए
आज श्रावण अमावस्या है, जिसे हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पितरों के स्मरण, दान-पुण्य और शिव आराधना के लिए खास है। वहीं, आज दुनिया के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा जैसे कार्य कर सकते हैं। 12 अगस्त 2026 को शाम कुछ सरल उपाय कर लें। इससे पितरों का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है। ये उपाय धन संबंधी रुकावट दूर करने में कारगर बताए गए हैं।
हरियाली अमावस्या
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 12 अगस्त की रात 1:52 बजे शुरू होकर रात 11:06 बजे समाप्त होगी। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि होने के कारण आज ही स्नान, दान, तर्पण का महत्व है।
पितरों को दें जल
अमावस्या पर पितरों के निमित्त जल अर्पित करने की परंपरा है। स्वच्छ जल में काले तिल मिलाएं और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूर्वजों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करें। इसके बाद जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं या क्षमता के अनुसार अनाज, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें।
धन संबंधी रुकावट हो तो करें ये उपाय
आज से अपनी आय में से कुछ राशि जरूरतमंद की मदद के लिए अलग रखें। अगर लगातार मेहनत के बावजूद आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है तो अमावस्या पर धन प्राप्ति की कामना के साथ ही आर्थिक अनुशासन का संकल्प भी लें। फिजूल खर्च रोकें, पुराने कर्ज की समीक्षा करें और नियमित बचत करना शुरू करें। कारोबारी लोग कार्य स्थल की सफाई कर टूटे-फूटे सामान और बेकार कागज हटा दें। शाम को मुख्य द्वार के पास दीपक जरूर लगाएं।
शिवजी की करें आराधना
श्रावण अमावस्या पर शिव जी की पूजा का भी विशेष महत्व है। अगर आपका मन बहुत अशांत रहता है तो शिवलिंग पर जल अर्पित करें और बेलपत्र चढ़ाएं। इसके बाद 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। पूजा के दौरान कोई एक स्पष्ट संकल्प लें और उसे पूरा करने की कोशिश करें।
पौधा लगाना है शुभ
हरियाली अमावस्या पर पौधा लगाना भी शुभ माना जाता है। आप नीम, पीपल, बरगद, आंवला या बेल का पौधा लगा सकते हैं। अगर जगह की कमी है तो किसी पुराने पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी लें।
