महाराष्ट्र: उद्धव की सेना में बगावत, संजय राउत के बयान पर भाजपा नेताओं का तीखा वार
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बगावत के बाद सियासत चरम पर है। यूबीटी के नेता संजय राउत ने बागी नेताओं को खूब खरी खोटी सुनाई है। उनके बयान पर भाजपा नेताओं ने कटाक्ष किया है। जानें किसने क्या कहा है?
महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में बगावत के बाद सियासी पारा गर्म है। यूबीटी के नेता संजय राउत ने बागी नेताओं को खूब खरी खोटी सुनाई। उनके बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राउत के बयान पर शिंदे शिवसेना की नेता सायना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शाइना एनसी ने कहा कि संजय राउत की भाषा उन्हें शोभा नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है, इसलिए उनके लिए ठाणे के मानसिक अस्पताल में बिस्तर आरक्षित किया गया है। शाइना एनसी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस तरह की धमकी भरी और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने संजय राउत को अपनी भाषा और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की सलाह दी।
गौरतलब है कि संजय राउत ने आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जो लोग पार्टी के साथ “बेईमानी” या “गद्दारी” कर रहे हैं, उन्हें उनके ही अंदाज में जवाब दिया जाएगा और उन्हें सबक सिखाया जाएगा। राउत के इसी बयान को लेकर शाइना एनसी ने पलटवार किया है।
बावनकुले ने क्या आरोप लगाया?
महाराष्ट्र रिवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे को अपने जनप्रतिनिधियों को संभालने नहीं आता, जनप्रतिनिधि कहां जाएंगे, कोई उनसे बात नहीं करता है। उनके पास कोई दरवाजा खुला नहीं है जो उनसे बात करें। उनको अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास करना है, अपोजिशन को सरकार भी मदद करती है लेकिन जनप्रतिनिधि को संभालने का एक तरीका होता है। वहां कोई तरीका नहीं है, वहां कोई बैठक नहीं होती, वहां कोई चर्चा नहीं होती। आपस में समन्वय नहीं है, जब समन्वय छूट जाता है, जब बातचीत बंद हो जाती है ,जब दोनों के बीच का संवाद बंद हो जाता है, तो यह सब बातें होती है उद्धव ठाकरे से सभी नाराज है, इसलिए उन्होंने छोड़ दिया उनको।
संजय राउत ने क्या लगाए आरोप?
संजय राउत ने शिवसेना यूबीटी में हुई बगावत पर कहा, देश में जो हो रहा है उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जिम्मेदार है। हमने बागियों को सात दिन का शो कॉज नोटिस जारी किया है। हमारे नेता निंबालकर पुणे में हैं और संजय दिनाज पाटील मुंबई में है। इस बार लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे। संजय राउत और अरविंद सावंत ने कहा, हमारे 6 सांसदों में दो उनके साथ नहीं, अब पता करना होगा कि उन्हें किडनैप कर लिया क्या? वो कहां है कोई दवाब है उनके ऊपर?
