17 June, 2026 (Wednesday)

नहीं थम रहा ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद, महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में प्रणित मोरे और टेक प्रोफेशनल के खिलाफ FIR दर्ज

‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में भी प्रणित मोरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। टेक प्रोफेशनल की भी मुसीबतें नौकरी खोने के बाद और बढ़ गई हैं।
‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद सोशल मीडिया से आगे निकल चुका है। भारी आलोचनाओं के बाद इस मामले ने कानूनी रूप ले लिया। महाराष्ट्र में एफाआईआर दर्द होने के बाद अब गुरुग्राम में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के खिलाफ एक नया पुलिस केस दर्ज किया गया है। प्रणित के साथ ही टेक प्रोफेशनल हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दोनों ही वीडियो वायरल होने के बाद से लगातार ट्रोलिंग और सवालों के घेरे में हैं। लोगों का कहना है कि ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद ने महिलाओं के प्रति नफरत और कॉमेडी की सीमाओं पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

कई धाराओं में दर्ज किया गया केस
नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) की शिकायत के आधार पर मोरे और हिमांशु जांगरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई। गुरुग्राम पुलिस ने ‘370 बिरयानी’ मामले में कॉमेडियन प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों को जांच में शामिल होने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह केस IT एक्ट की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 294, 353(3), 75(2) और 75(3) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस कमिश्नर की देखरेख में मामले की गहन जांच चल रही है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुग्राम में मोरे के एक शो के दौरान दर्शक में शामिल जांगड़ा ने कहा कि उन्होंने एक डेट पर चिकन बिरयानी पर 370 रुपये खर्च किए थे। बाद में जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा तो उन्होंने बदले में इंटीमेट होने की मांग की। इस बात पर लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। सोशल मीडिया पर इन टिप्पणियों का जबरदस्त विरोध हुआ। कई लोगों ने उन पर यौन दबाव और महिलाओं के साथ बिना सहमति के व्यवहार को सामान्य बताने का आरोप लगाया। आलोचकों ने यह भी कहा कि मोरे ने बातचीत के दौरान हंसकर और बाद में वीडियो ऑनलाइन शेयर करके इन टिप्पणियों को और बढ़ावा दिया।

पहले महाराष्ट्र में दर्ज हुआ केस
गुरुग्राम में यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र साइबर सेल पहले ही इसी विवाद को लेकर मोरे औक जांगड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कर चुका है। NCW ने तुरंत इस मामले में दखल दिया, कानून लागू करने वाली एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की और इसमें शामिल लोगों को तलब किया। कमीशन के दखल के बाद गुरुग्राम पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की। कमीशन ने कहा कि ये टिप्पणियां जबरदस्ती वाले व्यवहार को बढ़ावा देती हैं और सहमति के सिद्धांत को कमज़ोर करती हैं।

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