22 October, 2026 (Thursday)

भारत-यूएस संबंधों के इतिहास की सूरत बदल सकता है यह सप्ताह, अमेरिकी राजदूत गार्सेटी का बड़ा बयान

भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका की यात्रा पर हैं। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को स्टेट गेस्ट यानी राजकीय अतिथि के तौर पर अमेरिका आमंत्रित किया है। इस यात्रा के पहले दिन पीएम मोदी ने टेस्ला के सीईओ और ट्विटर के मालिक एलन मस्क से मुलाकात की है। वहीं कई थिंक टैंक से भी चर्चा की है। इसी बीच भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध की सूरत बदल सकता है यह सप्ताह।

पीएम मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों में ‘ऐतिहासिक पल’ करार देते हुए भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि शांति एवं समृद्धि के लिए दो लोकतंत्र के एक साथ आने से यह सप्ताह उन पलों में से एक होगा, जो इतिहास की सूरत बदल सकता है। गार्सेटी ने मंगलवार को ‘यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल’ द्वारा अमेरिका के रक्षा विभाग और भारत के रक्षा उत्पादन विभाग के साथ मिलकर आयोजित किए जा रहे ‘इंडस-एक्स सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम साथ आ रहे हैं और यह यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। हम उस चीज को गति दे रहे हैं, जो पहले से चली आ रही है।’

‘दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की नई मिसाल कायम करेंगे’

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की आधिकारिक यात्रा की पूर्व संध्या पर कहा, ‘आइए आज रात इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनें, जो तस्वीर बदलने वाला, पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने वाला और इन दोनों चीजों को एक साथ लाने वाला है। यह इतिहास में जीने जैसा लगता है। यह सप्ताह उन क्षणों में से एक होगा, जो इतिहास की सूरत बदल सकता है। मैं जानता हूं कि हमारे नेता इस पर खरे उतरेंगे, लेकिन वे इस दूरदृष्टि को साथ मिलकर साकार करने के लिए हम पर भरोसा कर रहे हैं।’

आज शाम यूएन के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

गौरतलब है कि पीएम मोदी अमेरिका की तीन ​की राजकीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर 21 से 24 जून तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। पीएम मोदी ने 21 जून को सुबह न्यूयॉर्क से अपने वीडियो संदेश में कहा कि ‘आज शाम को भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 5:30 बजे संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में जो योग कार्यक्रम हो रहा है, मैं उसमें शामिल होऊंगा। भारत के आह्वान पर दुनिया के 180 से ज्यादा देशों का एक साथ आना, ऐतिहासिक है। 2014 में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव आया तब रिकॉर्ड देशों ने इसका समर्थन किया था। तभी से लेकर आज तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जरिए योग एक वैश्विक आंदोलन बन गया है।’

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